facebookmetapixel
Advertisement
80वां स्वतंत्रता दिवस: राजघाट पर बापू को नमन के बाद लाल किला पहुंचे PM मोदी, पहली बार वंदे मातरम गाया गयाअमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसाबैंक जमा वृद्धि दिसंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, 31 जुलाई तक 15.4% बढ़ी

फेडरल रिजर्व की दर कटौती पर ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया

Advertisement

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को दरों में 50 आधार अंक तक की कटौती की। ये दरें 5.25-5.5 प्रतिशत से घटाकर 4.75-5 प्रतिशत की गई हैं।

Last Updated- September 19, 2024 | 9:42 PM IST
US Fed rate

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को दरों में 50 आधार अंक तक की कटौती की। ये दरें 5.25-5.5 प्रतिशत से घटाकर 4.75-5 प्रतिशत की गई हैं। वर्ष 2020 के बाद यह पहली कटौती है। ब्याज दरों में यह कटौती नवंबर 2024 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले और अमेरिका में रोजगार बाजार से जुड़ी चिंताओं के बीच की गई है।

इस कदम के बाद विश्लेषकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अब अपनी ब्याज दरों में कटौती की दिशा में धीमी गति से आगे बढ़ेगा, आंकड़ों पर निर्भर रहेगा और 5 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों पर भी नजर रखेगा। यहां फेड के इस कदम पर प्रमुख ब्रोकरेज की राय पेश की जा रही है।

नोमुरा

बैठक का बयान भी हमारी अपेक्षा से कम नरम था। हमें नवंबर और दिसंबर में 25 आधार अंक कटौती की उम्मीद है। नए निर्णय से ज्यादा कठोर रुख अपनाने का जो​खिम बढ़ा है। फेड ने श्रम बाजार की कमजोरी के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता का संकेत दिया है।

बोफा सिक्योरिटीज

दरों के बाजार ने फेड की कार्रवाई और संबंधित संदेश की नरम से तटस्थ के तौर पर व्याख्या की है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि फेड स्पष्ट रूप से नीतिगत दर और बैलेंस शीट में होने वाले बदलावों को स्वतंत्र रूप से देखता है। बुधवार के कदम से फेड के लिए विश्वसनीयता की समस्या पैदा हुई है क्योंकि पहले अनुमान 25 आधार अंकों की कटौती का था और दर स्थिरता के दौरान आंकड़े मामूली रूप से आक्रामक थे। हमारा मानना ​​है कि फेड को चौथी तिमाही में 50 आधार अंक की कटौती के लिए मजबूर होना पड़ सकता है तथा इस वर्ष 75 आधार अंक की और कटौती कर सकता है।

राबोबैंक इंटरनैशनल

बिना किसी ठोस आंकड़े या पूर्वानुमान के 50 आधार अंक की कटौती करके फेड पूर्व और संभवतः अगले राष्ट्रपति ट्रंप पर ताना मार रहा है। अगले साल इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अकेली असहमति जताने वाली मिशेल बोमन के फेड की अगली अध्यक्ष बनने की संभावना बढ़ गई है।
भविष्य के लिहाज से अगर यह वास्तव में पुनर्संयोजन था और 50 नया 25 नहीं बन गया है, तो भी हम नवंबर, दिसंबर और जनवरी में होने वाली तीन आगामी बैठकों में से प्रत्येक में 25-25 आधार अंक दर कटौती की उम्मीद करते हैं। जनवरी के बाद ज्यादा मात्रा में दर कटौती अगले प्रशासन की आ​र्थिक नीतियों पर निर्भर करेगी।

कोटक महिंद्रा एएमसी

अमे​रिकी फेड ने बाजार की बदलती उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए 50 आधार अंक की बड़ी कटौती के साथ दर कटौती का चक्र शुरू किया है। मुद्रास्फीति अस्थायी है और दरें लंबे समय तक ऊंची रहेंगी, फेड ने बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लंबा सफर तय किया है। यह दर कटौती कमजोर डॉलर और कम दरों के साथ उभरते बाजार में पूंजी प्रवाह को बढ़ाएगी।

जियोजित फाइनैं​शियल सर्विसेज

फेड की 50 आधार अंक की बड़ी कटौती से इक्विटी बाजारों के ऊपर की ओर बढ़ने के साथ मजबूत होने की संभावना है। आगे चलकर फेड से और भी दर कटौती की उम्मीद है। 2024 के अंत तक दरें 4.4 प्रतिशत और 2025 के अंत तक 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। फेड के इस कदम से भारत में भी दर कटौती का रास्ता साफ होगा। पिछले दो महीनों के दौरान उपभोक्ता मुद्रास्फीति आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आने से दरों में कटौती करने में मदद मिलेगी।

Advertisement
First Published - September 19, 2024 | 9:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement