समकक्ष सूचकांकों में तेजी और दिसंबर तिमाही में कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई और बेंचमार्क निफ्टी ने नए ऊंचे स्तर को छुआ। बेंचमार्क निफ्टी सत्र के अंत में 26,329 पर बंद हुआ और उसमें 182 अंकों यानी 0.7 फीसदी की बढ़त हुई। 50 शेयरों वाले इस बेंचमार्क ने बंद और दिन के कारोबार दोनों आधार पर नया उच्चस्तर हासिल किया। सत्र के अंत में सेंसेक्स 85,762 पर बंद हुआ, जिसमें 573 अंकों यानी 0.7 फीसदी की बढ़त हुई।
सप्ताह भर में सेंसेक्स में 0.9 फीसदी और निफ्टी में 1.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। शुक्रवार को ब्रिटेन का एफटीएसई 100, सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी उन प्रमुख सूचकांकों में शामिल थे, जिन्होंने इंट्राडे में नए रिकॉर्ड बनाए। निवेशकों को उम्मीद है कि वस्तु एवं सेवा कर के युक्तिकरण और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती जैसे उपायों का असर दिसंबर तिमाही में कंपनियों के बेहतर नतीजों में दिखेगा।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, राष्ट्रीय बाजार ने सप्ताह के अंत में सकारात्मक रुख के साथ समापन किया और सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ। ऑटो और सार्वजनिक बैंकिंग क्षेत्रों में मजबूत गति देखी गई, जबकि यूटिलिटी में सेक्टर के हिसाब से फेरबदल देखने को मिला। दिसंबर में वाहन बिक्री में मजबूती से त्योहारी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में व्यापक उछाल का संकेत मिलता है। परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और ऋण वृद्धि में तेजी की उम्मीदों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी को आकर्षित किया।
बाजार में चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा। बीएसई पर 2,711 शेयर चढ़े जबकि 1,524 में गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक के शेयर 1.05 फीसदी चढ़े और उसने सूचकांक में सबसे अधिक योगदान दिया। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा जिसके शेयर 1.3 फीसदी बढ़े। आईटीसी के शेयर 3.8 फीसदी गिरे जिसने सूचकांक को नीचे खींचा। केंद्र सरकार के अगले महीने से तंबाकू उत्पादों पर नई कर व्यवस्था लागू करने की घोषणा के बाद पिछले दो सत्रों में आईटीसी के शेयरों में काफी गिरावट आई है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, आगामी तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर उम्मीदें और केंद्रीय बजट में सहायक नीतिगत उपायों ने समग्र बाजार भावना को सकारात्मक बनाने में मदद की है। व्यापक बाजार में बेहतर भागीदारी, विशेष रूप से मिड-कैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी प्रमुख कारक रही है। हमें उम्मीद है कि कई कंपनियों अपने तिमाही-पूर्व कारोबारी अपडेट की घोषणा करेंगी जिससे यह सकारात्मकता अगले सप्ताह भी जारी रह सकती है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक 290 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे जबकि जबकि घरेलू संस्थानों ने 677 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।