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Real Estate Sector से आ रही बड़ी खबर, इन कंपनियों के मर्जर को मिली NCLAT की मंजूरी

NCLAT चंडीगढ़ पीठ ने CCI, शेयर बाजारों, कंपनी पंजीयक से सभी नियामकीय मंजूरियां और संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों से अनुमोदन के बावजूद मई, 2023 में इसकी अनुमति रोक दी थी।

Last Updated- January 12, 2025 | 7:29 PM IST
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इंडियाबुल्स रियल एस्टेट (IBREL) और एम्बैसी ग्रुप को बड़ी राहत देते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने प्रक्रिया पर रोक लगाने वाले एनसीएलटी के आदेश को खारिज करते हुए दोनों रियल एस्टेट कंपनियों के विलय की योजना को मंजूरी दे दी है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) की दो सदस्यों वाली पीठ ने कहा, “हम एनसीएलटी की चंडीगढ़ पीठ के विवादित आदेश को खारिज करते हैं और अपीलकर्ताओं (इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, एम्बैसी वन और एनएएम एस्टेट्स) के बीच विलय की योजना को मंजूरी देने की अपील को स्वीकार करते हैं।” विलय पिछले 18 महीनों से रुका हुआ था, क्योंकि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की चंडीगढ़ पीठ ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), शेयर बाजारों, कंपनी पंजीयक से सभी नियामकीय मंजूरियां और संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों से अनुमोदन के बावजूद मई, 2023 में इसकी अनुमति रोक दी थी।

क्या कहा NCLAT ने अपने आदेश में

एनसीएलएटी ने कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण को मानक निर्धारित मूल्यांकन विधियों में से किसी एक का उपयोग करके विशेषज्ञों द्वारा किए गए मूल्यांकन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था। अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा, “तथ्यों और परिस्थितियों तथा प्रासंगिक न्यायिक उदाहरणों पर गौर करने के बाद हम मानते हैं कि एनसीएलटी की चंडीगढ़ पीठ ने अपीलकर्ता कंपनियों के शेयरधारकों, ऋणदाताओं और निदेशक मंडल के वाणिज्यिक विवेक की अनदेखी करते हुए योजना में हस्तक्षेप करके गलती की है।”

एनसीएलटी ने योजना के तहत मूल्यांकन और अदला-बदली अनुपात पर आयकर विभाग की आपत्ति के आधार पर अपनी अनुमति रोक ली थी। हालांकि, अपीलीय न्यायाधिकरण ने पाया कि कार्यवाही के दौरान, विभाग ने बाद में योजना की मंजूरी न्यायाधिकरण के विवेक पर छोड़ दी थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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First Published - January 12, 2025 | 7:29 PM IST

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