facebookmetapixel
ऑटो PLI योजना का बढ़ेगा दायरा, FY27 से 8 और कंपनियों को मिलेगा प्रोत्साहनLPG Price Hike: नए साल की शुरुआत में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर ₹111 हुआ महंगादिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 पर मंथन तेज, सायम और 5 कंपनियों के साथ मसौदे पर चर्चा करेगी सरकारबड़ी उधारी से 2026 में भी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, रुपये को सीमित सहाराStocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Update: बाजार ने बढ़त के साथ की 2026 की शुरुआत, सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा; Vodafone 2% उछलाGold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर

मानो बाजार को था सब मालूम!

Last Updated- December 07, 2022 | 1:00 PM IST

संसद के अंदर और बाहर सरकार बचाने-गिराने की कवायद भले ही जोरों पर रही हो, लेकिन शेयर बाजार के रुख से लग कि वह पहले ही मान चुका था कि सरकार सुरक्षित है और वह विश्वास मत हासिल कर लेगी।


यही वजह है कि संसद में विश्वास मत पर चर्चा के दौरान दोनों ही दिन (सोमवार और मंगलवार) को बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मंगलवार को सुबह शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला और दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार समाप्ति पर अच्छी बढ़त के साथ बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 254.16 अंक चढ़कर 14,104.20 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी मजबूती दर्ज की गई। कारोबार समाप्ति पर निफ्टी 80.60 अंकों की तेजी के साथ 4,240.10 के स्तर पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी अच्छी लिवाली देखी गई, जिसकी वजह से यह करीब 1.5 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ।

खास बात यह कि एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार में मजबूती दर्ज की गई। मंगलवार को एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर सभी जगह नरमी का रुख रहा। सेंसेक्स को मजबूती प्रदान करने में ऊर्जा और एफएमसीजी सेक्टर का प्रमुख योगदान रहा। इनके सूचकांकों में करीब 4 फीसदी की बढ़त देखी गई।

धातु, बैंकिंग, पूंजीगत वस्तु सूचकांकों में 3 फीसदी की उछाल दर्ज की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के सूचकांकों में 2.5 फीसदी, जबकि आईटी, तकनीकी क्षेत्र के सूचकांकों में 1.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि वाहन क्षेत्र के सूचकांक में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और बीएसई में गिरने वाला यह अकेला सूचकांक रहा।

सेंसेक्स में बढ़ने वाली कंपनियों के शेयरों में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, भेल, आईटीसी, विप्रो, इन्फोसिस, आरकॉम, रिलायंस इंडस्ट्रीज, रैनबैक्सी, सिप्ला, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक प्रमुख रहे। हालांकि मारुति सुजुकी की ओर से सोमवार को जारी नतीजे का असर उसके शेयरों पर पड़ा और इसमें करीब 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

ये होंगे आर्थिक नतीजे ..

करार को मिलेगी हरी झंडी
शेयर बाजार में आएगी मजबूती

उठने वाले हैं ये कदम

दूरसंचार क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश
सार्वजनिक कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी कम करना

पहले ही अटके  थे ये बिल

पेंशन फंड रेग्युलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल
बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को 49 फीसदी करने वाला बिल
रिटेल सेक्टर में विदेशी निवेश की अनुमति दिए जाने वाला बिल

First Published - July 22, 2008 | 11:58 PM IST

संबंधित पोस्ट