facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Budget 2023: चिकित्सा उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाने, हेल्थ सेस हटाने की मांग

Last Updated- January 11, 2023 | 7:01 PM IST
Super-specialty hospitals may benefit from CGHS rate revision: Analysts

भारतीय चिकित्सा प्रौद्योगिकी संघ (एमटीएआई) ने बजट-2023 से पहले सरकार से आयातित चिकित्सा उपकरणों से सीमा शुल्क घटाने और स्वास्थ्य उपकर हटाने का आग्रह किया है।

चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एमटीएआई ने पिछले साल सरकार द्वारा किए गए विभिन्न सुधारों की सराहना की। हालांकि, इसके साथ ही उसने कहा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है क्योंकि 80 प्रतिशत चिकित्सा उपकरण आयात किए जाते हैं।

एमटीएआई के चेयरमैन और महानिदेशक पवन चौधरी ने कहा कि भारत में चिकित्सा उपकरणों पर लगने वाला सीमा शुल्क और कर पड़ोसी देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है।

इसका सीधा असर मरीज पर पड़ता है। चौधरी ने कहा, ‘‘बजट 2023 की तैयारियां चल रही हैं तो हम चिकित्सा उपकरणों पर लगने वाले सीमा शुल्क और करों में संशोधन की उम्मीद करते हैं।’’

First Published - January 11, 2023 | 7:01 PM IST

संबंधित पोस्ट