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टीका पहुंचाने की योजना पर काम

Last Updated- December 14, 2022 | 8:57 PM IST

कोविड19 के टीकों को हवाईअड्डों पर रोक कर रखने के समय में कटौती करने से लेकर तेजी से उड़ानों को भेजने और उतारने की अनुमति देने तक, सरकार देश में कोविड19 के टीके को जल्दी से जल्दी देश भर में पहुंचाने के लिए पूरी योजना तैयार कर रही है। टीके के परिवहन की प्रक्रिया को तीव्र करने के लिए सरकार नियामकीय बदलावों की भी योजना बना रही है। सरकार एक इवाई मालवहन स्टेशन (एएफएस) स्थापित करने पर विचार कर रही है जहां से फार्मास्यूटिकल फैक्टरियों से सीधे विमान में टीकों को लादा जा सकेगा। एएफएस हवाईअड्डा से बाहर माल को रखने की सुविधा प्रदान करता है, यह परिवहन के लिए वस्तु का प्रबंधन करने के साथ ही मुख्य हवाईअड्डे पर भीड़ में भी कमी लाएगा।
योजना के मुताबिक माल के लिए आयात और निर्यात की मंजूरी जिसमें मूल्यांकन, परीक्षण और शुल्क भुगतान जैसी सीमा शुल्क गतिविधियों को एएफएस पर पूरा किया जाएगा। इसे वैक्सीन फैक्टरी के समीप स्थित किया जाएगा।
भारत में सीरम इंस्टीट्यूट, भारत बायोटेक और जायडस कैडिला जैसी कंपनियां टीके के विनिर्माण में जुटी हैं जिनका यहां पर इस्तेमाल करने के साथ ही निर्यात भी किया जाएगा। एएफएस में सीमा शुल्क मंजूरियों के अलावा, संयंत्र पृथककरण कार्यालय और ड्रग नियंत्रक कार्यालय जैसे सीमा पार नियामकीय एजेंसियों को भी जगह दी जाएगी।
इससे हवाईअड्डों पर रोक कर रखने की समय में कटौती होगी और उत्पादन स्थल से चिकित्सा इकाइयों तक टीके को तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
भारतीय हवाईअड्डों पर रोक कर रखे जाने की अवधि दूसरे देशों के मुकाबले बहुत अधिक है। लॉजिस्टिक उद्योग के सूत्र कहते हैं कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाईअड्डों पर किसी माल के लिए मंजूरी लेने में 75 घंटे से अधिक समय लग जाता है। चांगी (सिंगापुर), दुबई और हॉन्गकॉन्ग में इसके लिए छह घंटे से कम समय लगते हैं।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या टीके को सीधे फैक्टरी से विमान में पहुंचाना संभव है। हम नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो और सीमा शुल्क विभाग जैसी सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी इस अवधारण और प्रक्रिया पर चर्चा कर रहे हैं। फैक्टरी से टीके के निकलने और विमान में उसे पहुंचाने में लगने वाले समय में कटौती करना बहुत जरूरी है।’
सरकार ने 2021 के मध्य तक देश की एक बड़ी आबादी तक टीका पहुंचाने के लिए कार्यबल बनाया है। टीकाकरण में स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर जुटे योद्घाओं को प्रमुखता दी जाएगी।
इस कार्य बल की एक उप समिति लॉजिस्टिक्स पर ध्यान दे रही है जिसमें कोल्ड स्टोरेज केंद्रों का निर्माण और हवाईअड्डों से टीकाकरण केंद्रों में टीकों का निर्बाध स्थानांतरण शामिल है।

First Published - November 23, 2020 | 11:30 PM IST

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