facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

अमेरिका-चीन में टैरिफ समझौता, चीन देगा दुर्लभ खनिज, ट्रंप बोले– ‘उत्कृष्ट साझेदारी’

Advertisement

चीन दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति करेगा तो अमेरिका उसके छात्रों को पढ़ने की अनुमति देगा : ट्रंप

Last Updated- June 11, 2025 | 10:51 PM IST
Trump and Xi Jinping

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और चीन के बीच करार हो गया है। इसके तहत चीन मैग्नेट और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति करेगा वहीं अमेरिका अपने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चीनी छात्रों को पढ़ने की अनुमति देगा। ट्रंप ने अपने सं​क्षिप्त बयान में ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘हमें कुल 55 प्रतिशत टैरिफ मिल रहा है, चीन को 10 प्रतिशत मिल रहा है। यह साझेदारी उत्कृष्ट है!’

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह समझौता अमेरिका को चीन से आयातित सामान पर 55 प्रतिशत शुल्क लगाने की अनुमति देता है। इसमें 10 प्रतिशत बेसलाइन ‘पारस्परिक’ टैरिफ, फेंटेनल तस्करी के लिए 20 प्रतिशत टैरिफ और पूर्व-मौजूदा टैरिफ को दर्शाने वाला 25 प्रतिशत टैरिफ शामिल है। अधिकारी ने कहा कि चीन इसी तरह अमेरिकी आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ अभी इस करार को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

ट्रंप ने कहा, ‘पूर्ण मैग्नेट और कोई भी अन्य आवश्यक दुर्लभ खनिजों की चीन द्वारा आपूर्ति की जाएगी। इसी तरह हम चीन को वह प्रदान करेंगे, जिस पर सहमति हुई थी। इसमें हमारे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का उपयोग करने वाले चीनी छात्र शामिल हैं।’अमेरिकी और चीनी अधिकारियों ने मंगलवार को कहा था कि वे व्यापार युद्ध रोककर कारोबारी संबंधों को वापस पटरी पर लाने और दुर्लभ खनिजों पर चीन के निर्यात प्रतिबंधों को हटाने के लिए आम सहमति पर पहुंच गए हैं।

लंदन में दो दिनों की गहन बातचीत के बाद अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लटनिक ने संवाददाताओं से कहा कि करार पिछले महीने जिनेवा में जवाबी शुल्क को कम करने के लिए किए गए द्विपक्षीय समझौते को मजबूत करता है। जिनेवा करार महत्त्वपूर्ण खनिजों पर चीन के प्रतिबंधों के कारण विफल हो गया था, जिसने ट्रंप प्रशासन को जवाबी कार्रवाई के रूप में सेमीकंडक्टर डिजाइन सॉफ्टवेयर, विमान और अन्य सामान के चीन के लिए लदान रोकने को प्रेरित किया था।

Advertisement
First Published - June 11, 2025 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement