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G20 नेताओं के बयान में बाधा बना यूक्रेन युद्ध

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हरियाणा के नूंह जिले में रविवार को शुरू हुई हुई पांच दिवसीय बैठक में अधिकारियों को संयुक्त वक्तव्य तैयार करने में चुनौती का सामना करना पड़ा

Last Updated- September 03, 2023 | 10:52 PM IST
G20 Summit

जी 20 की चौथी शेरपा बैठक में रविवार को अधिकारियों के समक्ष जी 20 के नेताओं के संयुक्त बयान के अंतिम प्रारूप को तैयार करने में सबसे बड़ी चुनौती यूक्रेन रही। नई दिल्ली में इस हफ्ते के अंत में जी 20 की बैठक होनी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जी 20 के अन्य नेता अंतिम प्रारूप को स्वीकार करेंगे। ऐसे में समय कम होते जाने के कारण अधिकारियों को सभी विचार-विमर्श के बीच अंतिम प्रारूप को तैयार करना है।

हरियाणा के नूंह जिले में रविवार को शुरू हुई हुई पांच दिवसीय बैठक में अधिकारियों को संयुक्त वक्तव्य तैयार करने में चुनौती का सामना करना पड़ा। इस क्रम में ऊर्जा बदलाव, व्यापार और स्वास्थ्य पर जी 20 के वर्किंग समूह की मंत्रिस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं लेकिन वे साझा बयान पर नहीं पहुंच पाई हैं।

हालांकि यूक्रेन मामले पर ‘चेयरमैन समरी ऐंड आउटकम डाक्यूमेंट्स’ की श्रृंखला जारी की गई है लेकिन इस पर टिप्पणी करने के दौरान राष्ट्रों की अलग-अलग राय रही है। लिहाजा सोमवार को जोरदार ढंग से बातचीत होने की उम्मीद है। संयुक्त वक्तव्य के लिए भारत ने प्रस्ताव पेश किए थे। इस क्रम में पहले संयुक्त वक्तव्य का प्रारूप पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर्नाटक के हम्पी में आयोजित जी 20 की तीसरी शेरपा में हुई थी। दूसरा प्रारूप जी 20 देशों को जुलाई के अंत में भेज दिया गया था।

सरकार ने पिछली बैठक के बाद कहा था कि प्रस्तावना के हिस्से और लैंगिक समानता पर पर्याप्त प्रगति हुई। हालांकि साझा आधिकारिक बयान पर सहमति नहीं बन पाई है।

अधिकारी ने बताया, ‘सभी प्रतिभागियों को प्रारूप और विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा के विचार-विमर्श भेज दिए गए हैं। ज्यादातर तकनीकी मुद्दों को विभिन्न वर्किंग ग्रुप की कई दौर की बातचीत के बाद सुलझा लिया गया है। हमने ज्यादातर शुरू की गई पहल पर व्यापक सहमति देख चुके हैं। अब हम इन सहमतियों को यथार्थ में बदलेंगे।’ 6 सितंबर को शेरपा और उप वित्त प्रमुखों की बैठक होने के कारण निर्धारित वक्त में काम पूरा करना है।

भारत का लक्ष्य

भारत का लक्ष्य विकास के मुद्दों पर सहमति बनाना है। भारत ने हम्पी, कुमारकोम और उदयपुर में आयोजित हुई तीन बैठकों में डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) और हरित विकास के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए चर्चाएं की थीं।

कड़े सुरक्षा इंतजाम

दिल्ली से करीब 50 किलोमीटर दूर हरियाणा के नूंह जिले में शेरपा की बैठक हो रही है। अगस्त की शुरुआत में इस जिले में हिंसक दंगे हुए थे। सूत्रों के मुताबिक शेरपा बैठक की अवधि कम नहीं की गई है लेकिन आसपास के क्षेत्रों के दौरों व आसपास के क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया गया है। लिहाजा जिन दो होटलों आईटीसी ग्रैंड भारत और लेमन ट्री में यह बैठक हो रही है, उनके आसपास धारा 144 लागू कर दी गई हैं। इन क्षेत्रों में ड्रोन के उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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First Published - September 3, 2023 | 10:52 PM IST

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