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Trump के ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ आज ऐलान के साथ ही हो जाएंगे लागू- व्हाइट हाउस

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डॉनल्ड ट्रंप ने आज यानी 2 अप्रैल से एक नई ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ पॉलिसी लागू करने की योजना बनाई है जिसे वह अमेरिका के लिए “मुक्ति दिवस” (Liberation Day) बता रहे हैं।

Last Updated- April 02, 2025 | 6:48 AM IST
Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के व्यापक ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ बुधवार (2 अप्रैल) को घोषित होते ही तुरंत प्रभाव में आ जाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट (Karoline Leavitt) ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, लेविट ने मंगलवार (1 अप्रैल) को पत्रकारों से कहा, “मेरी जानकारी के अनुसार टैरिफ की घोषणा कल होगी। यह तुरंत प्रभावी हो जाएंगे, और राष्ट्रपति काफी समय से इसका संकेत देते आ रहे हैं।”

2 अप्रैल से सभी देशों पर लागू होगा रिसिप्रोकल टैरिफ

डॉनल्ड ट्रंप ने आज यानी 2 अप्रैल से एक नई ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ पॉलिसी लागू करने की योजना बनाई है जिसे वह अमेरिका के लिए “मुक्ति दिवस” (Liberation Day) बता रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा कि 2 अप्रैल से रिसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी बिना किसी अपवाद के सभी देशों पर लागू होंगे। ट्रंप ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार करार के लिए शुल्क रियायत पर बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप का मानना है कि समान शुल्क न होने की वजह से पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका को भारी व्यापार घाटा हुआ है। वे मानते हैं कि यह नया शुल्क अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा से बचाएगा। इसके साथ ही यह कदम अमेरिका को फिर से महान बनाने की उनकी योजना का हिस्सा है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि अमेरिका यह शुल्क कैसे लागू करेगा। यह भी नहीं बताया गया है कि इस शुल्क की गणना किस आधार पर की जाएगी। इसी वजह से दूसरे देशों के लिए इससे निपटने की रणनीति बनाना मुश्किल हो रहा है।

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अमेरिकी शेयर बाजार में हलचल

लेविट ने इन शुल्कों के आकार और दायरे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन कहा कि ट्रंप उन विदेशी सरकारों और कॉरपोरेट नेताओं की बात सुनने को तैयार हैं जो टैरिफ की दरें कम करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि कई देशों ने पहले ही राष्ट्रपति की योजना को लेकर प्रशासन से संपर्क किया है। उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से राष्ट्रपति हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहते हैं, फोन कॉल के लिए भी, लेकिन इस समय उनका पूरा ध्यान अतीत की गलतियों को सुधारने और यह दिखाने पर है कि अमेरिकी कामगारों को न्यायसंगत मौका मिल रहा है।”

प्रवक्ता ने टैरिफ की घोषणा से पहले बाजार में आई उतार-चढ़ाव की स्थिति को भी कमतर बताया। निवेशकों को आशंका है कि टैरिफ से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं जिसकी वजह से अमेरिकी शेयर बाजार में बीते कुछ हफ्तों से बिकवाली जारी है। लेविट ने कहा, “जैसा कि उनके पहले कार्यकाल में हुआ था वॉल स्ट्रीट इस बार भी बिल्कुल ठीक रहेगा।”

अमेरिका को मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर बनाने की तैयारी

जब लेविट से यह पूछा गया कि क्या व्हाइट हाउस के सलाहकार टैरिफ के प्रभाव का गलत आकलन कर सकते हैं और इससे अंततः अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है तो उन्होंने इस संभावना को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, “वे गलत नहीं होंगे। यह योजना कारगर होगी और राष्ट्रपति के पास एक बेहतरीन सलाहकार टीम है जो इन मुद्दों का दशकों से अध्ययन कर रही है। हमारा पूरा ध्यान अमेरिका के स्वर्ण युग को वापस लाने और देश को एक मैन्युफैक्चरिंग महाशक्ति बनाने पर है।”

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

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First Published - April 2, 2025 | 6:48 AM IST

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