facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

अमेरिका में एंट्री अब और मुश्किल! 41 देशों पर लग सकता है सख्त यात्रा प्रतिबंध, ट्रंप प्रशासन ने तैयार की लिस्ट

Advertisement

20 जनवरी को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश के लिए सख्त सुरक्षा जांच अनिवार्य की गई।

Last Updated- March 15, 2025 | 11:34 AM IST
Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन दर्जनों देशों के नागरिकों पर कड़े यात्रा प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। यह ट्रंप द्वारा लाई गई नई आप्रवासन नीति का हिस्सा है। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दी है। इस मेमो में कुल 41 देशों को रखा गया है और उन्हें तीन समूहों में बांटा गया है। पहले समूह में 10 देश शामिल हैं, जिसमें अफगानिस्तान, ईरान, सीरिया, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश शामिल हैं। इन पर पूरी तरह से वीजा निलंबन लागू होगा, जिससे यहां के लोगों को अमेरिका में प्रवेश करना पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा।

दूसरे समूह में पांच देश हैं, जिन पर आंशिक निलंबन लागू होगा, जो पर्यटक, छात्र और अन्य आप्रवासी वीजा को प्रभावित करेगा। हालांकि इसमें कुछ छूट लागू होंगी। तीसरे समूह में 26 देश हैं, जिन पर अमेरिकी वीजा जारी करने का आंशिक निलंबन हो सकता है, जब तक कि उनकी सरकारें 60 दिनों के भीतर सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए कदम नहीं उठाती।

नाम न बताने की शर्त पर बात की एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने जोर देकर कहा कि यह लिस्ट फाइनल नहीं है और इसे प्रशासन से मंजूरी मिलना अभी बाकी है। इसमें मुख्य रूप से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हैं। बता दें कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने सबसे पहले प्रभावित देशों की लिस्ट की जानकारी दी थी।

ट्रंप पहले भी ऐसा कर चुके हैं

यह प्रस्ताव ट्रंप के पहले कार्यकाल के विवादास्पद यात्रा प्रतिबंध की याद दिलाता है, जिसमें सात मुस्लिम बहुल देशों के यात्रियों को निशाना बनाया गया था। उस नीति को कई कानूनी लड़ाइयों के बाद 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था।

बता दें कि 20 जनवरी को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश के लिए सख्त सुरक्षा जांच अनिवार्य की गई। इस आदेश में कई कैबिनेट सदस्यों को 21 मार्च तक उन देशों की लिस्ट जमा करने का निर्देश दिया गया, जिनकी जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रियाएं अपर्याप्त मानी जाती हैं, जिसके आधार पर यात्रा निलंबन हो सकता है।

यह निर्देश ट्रंप के व्यापक आप्रवासन सख्ती के मुताबिक है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में एक प्रमुख पहल है। अक्टूबर 2023 के एक भाषण में उन्होंने उन क्षेत्रों से प्रवेश पर रोक लगाने की कसम खाई थी, जिन्हें उन्होंने सुरक्षा खतरे के रूप में बताया, जिसमें गाजा पट्टी, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन शामिल हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग से जब न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इसपर जवाब मांगा तो उन्होंने इसपर कोई जवाब नहीं दिया।

Advertisement
First Published - March 15, 2025 | 11:30 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement