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Quad summit 2025: 21 जनवरी को हो सकती है क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक

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एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो क्वाड शिखर सम्मेलन की तारीखों पर कर सकते हैं चर्चा; ट्रंप प्रशासन में क्वाड साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद।

Last Updated- January 20, 2025 | 10:43 PM IST
Pro-Khalistan extremists built a structure of Foreign Minister's infidels, India condemns it

डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के एक दिन बाद मंगलवार को अमेरिका के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान व ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक कर सकते हैं। इसमें जयशंकर भारत में इस साल होने वाले क्वाड के 5वें शिखर सम्मेलन की तारीखों पर चर्चा कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार भारत और अमेरिका दोनों ही ओर से चार क्वाड सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की इस बैठक को हरी झंडी दे दी गई है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चूंकि रूबियो को विदेश मंत्री के रूप में अभी अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिलना बाकी है, इसलिए अनौपचारिक बैठक के बारे में कुछ तय नहीं हुआ है। जयशंकर ने सोमवार को जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक भी की है।

पिछले साल सितंबर में डेलावेयर में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी देशों ने संयुक्त बयान में कहा था कि चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) समूह पहले की अपेक्षा रणनीतिक रूप से बहुत महत्त्वपूर्ण हो गया है। अब यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना खासा प्रभाव रखता है। क्वाड की शुरुआत अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में ट्रंप ने ही की थी। इसी को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में क्वाड पर जरूर ध्यान केंद्रित करेंगे।

पूर्व राजदूत और गेटवे हाउस में विख्यात फेलो राजीव भाटिया ने कहा, ‘हमें अपने हालिया इतिहास को याद रखना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में क्वाड को पहली बार उस समय नई उड़ान मिली जब इसके सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई थी। जब नया प्रशासन पूरी तरह अपना कामकाज शुरू कर देगा तो इस साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम शुरू होगा।’

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पहले कार्यकाल की तरह ही ट्रंप इस बार भी लेन-देन संबंधी और द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देंगे। भले ट्रंप ने क्वाड को चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में आगे बढ़ाया, लेकिन उनकी व्यापक विदेश नीति ‘अमेरिका प्रथम’ पर ही केंद्रित रही और उन्होंने संस्थागत द्विपक्षीय सहयोग को अधिक तवज्जो नहीं दी। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद क्वाड समूह आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और लचीला बनाए रखने के लिए अपनी प्रौद्योगिकी साझेदारी को जारी रखेगा। खास तौर पर सेमीकंडक्टर दूरसंचार और अन्य महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर भारत का फोकस रहेगा।

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को वाशिंगटन में ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ बैठकें कीं और इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों तथा क्वाड से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। क्वाड में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘आज वाशिंगटन में क्वाड की सहयोगी विदेश मंत्री सीनेटर वोंग से मिलकर खुशी हुई। हमेशा की तरह दुनिया के हालात पर हमने चर्चा की।’ जापान के विदेश मंत्री के साथ अपनी बैठक के बाद एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मिलकर अच्छा लगा। हमने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की। क्वाड से संबंधित घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।’

सत्ता हस्तांतरण टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रूबियो और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप भारत-अमेरिका संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने को प्राथमिकता देंगे।

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First Published - January 20, 2025 | 10:43 PM IST

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