Stock Market Closing Bell Thursday, December 4, 2025: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रूख के बीच भारत शेयर बाजार गुरुवार (4 दिसंबर) को गिरावट में खुले। हालांकि, खुलने के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में निफ्टी-50 और सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुए। इसी के साथ बाजार में पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। हालांकि, निवेशक आरबीआई के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। केंद्रीय बैंक शुक्रवार को रेपो रेट पर अपना फैसला सुनाएगा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 84,987 अंक पर खुला। खुलते इस इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह 85,487 अंक के हाई और 84,949 अंक के लो तक गया। अंत में यह 158.51 अंक या 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 85,265.32 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट लेकर 25,981 पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह 26,098 इंट्रा-डे हाई और 25,938 इंट्रा-डे लो तक गया।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजार मिश्रित वैश्विक संकेतों और आरबीआई की नीतिगत बैठक से पहले सावधानी के बीच लगभग सपाट बंद हुए। शुरुआती सत्र में वैल्यू-खरीद के सहारे हुई बढ़त को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची रुपये की कीमत और लगातार जारी विदेशी निवेशकों बिकवाली ने सीमित कर दिया। हालांकि, आरबीआई के दरों में कटौती की उम्मीदें घटने से रुपये में हल्की रिकवरी देखने को मिली। इससे बाजार अंत तक कुछ स्थिर हो सके। आईटी शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि संभावित फेड रेट कट को लेकर नई उम्मीदों और मुद्रा से जुड़े फायदों ने इस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी।”
सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा लाभ में रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और इटरनल सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।
ब्रोडर मार्केट में एनएसई निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स नकारात्मक रुझान के साथ लगभग सपाट रहा तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.24 प्रतिशत की गिरावट आई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी सबसे ज़्यादा 1.4 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी इंडेक्स, एफएमसीजी, ऑटो, फार्मा, मेटल और निफ्टी इंडेक्स केमिकल इंडेक्स बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, निफ्टी मीडिया में 1.45 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस का स्थान रहा।
गुरुवार को रुपया नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। घरेलू मुद्रा की शुरुआत 22 पैसे की कमजोरी के साथ 90.41 प्रति डॉलर पर हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 90 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। लगातार पूंजी निकासी, अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर अनिश्चितता और पिछले हफ्ते डॉलर की मजबूत मांग से रुपये में तेज गिरावट आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुद्रा बाजार में कम दखल से भी गिरावट को बल मिला। इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया 5 फीसदी से ज्यादा गिरा है और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्रा रही है। 80 से 90 प्रति डॉलर तक पहुंचने में इसे महज 773 कारोबारी सत्र लगे।
एशिया बाजारों में वॉल स्ट्रीट में रोजगार आंकड़ों के कारण बढ़त के बाद बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। इससे यह उम्मीद बढ़ी कि फेडरल रिजर्व अगले सप्ताह ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
जापान का बेंचमार्क निक्केई 225 इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.3 प्रतिशत बढ़ा और टॉपिक्स इंडेक्स 0.33 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.45 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 0.12 प्रतिशत चढ़ा।
अमेरिका में शेयर बाज़ार में बढ़त दर्ज की गई। पेरोल प्रोसेसर एडीपी ने बताया कि निजी कंपनियों ने नवंबर में 32,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि अक्टूबर में 47,000 कर्मचारियों की छंटनी हुई थी। यह बाजार की तरफ से उम्मीद लगाई गई 40,000 की वृद्धि से कम थी।
अमेरिकी बाजार पर नजर रखने वालों का अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 9-10 दिसंबर की नीतिगत बैठक के दौरान ब्याज दरों में कटौती करने की संभावना 89 प्रतिशत पहुंच गई है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एसएंडपी 500 में 0.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई तथा नैस्डैक कंपोजिट में 0.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई।