facebookmetapixel
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं, संविधान के 76 स्वर्णिम वर्ष पूरेRepublic Day 2026: छावनी बनी दिल्ली, 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात; AI से हर कदम पर नजरRepublic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक‘मन की बात’ में बोले PM मोदी: भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के प्रतीक बनें और उद्योग उत्कृष्टता अपनाएPadma Awards 2026: अ​भिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंदन, उदय कोटक समेत 131 को पद्म पुरस्कार दुनिया को शांति का संदेश दे रहा भारत, महिलाओं की भागीदारी को 2047 तक विकसित भारत की नींव: राष्ट्रपतिबच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान जरूरी, लक्ष्य पूरे करने में होगा मददगार2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगीEditorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राहडॉलर के दबदबे को चुनौती देती चीन की मुद्रा रणनीति, भारत के लिए छिपे हैं बड़े सबक

इजराइल ने करीब दो दर्जन इलाकों को खाली करने का फिर दिया आदेश, हमले का दायरा बढ़ाया

फलस्तीनी रेड क्रिसेंट बचाव सेवा ने कहा कि गाज़ा के उत्तरी हिस्से में जबालिया शरणार्थी शिविर में एक घर पर हुए हमले में उसका एक स्वयंसेवक मारा गया और एक कर्मचारी घायल हो गया।

Last Updated- December 04, 2023 | 6:16 PM IST
Israel-Hamas war

इज़राइल ने गाज़ा पट्टी के दक्षिणी शहर खान यूनिस को खाली करने के अपने निर्देशों को सोमवार को फिर से दोहराया जहां हज़ारों विस्थापित फलस्तीनियों ने हाल के हफ्तों में शरण ली है। वहीं, इज़राइल ने क्षेत्र में अपने ज़मीनी हमले का दायरा बढ़ा दिया है और वह पूरी गाज़ा पट्टी पर बमबारी कर रहा है।

हफ्तेभर लंबे संघर्षविराम के बाद फिर से हमले शुरू हुए हैं जिनका मकसद गाज़ा के हमास शासकों को खत्म करना है। यह युद्ध सात अक्टूबर को हमास द्वारा इज़राइल पर अचानक किए गए हमले के बाद शुरू हुआ था जिसमें हज़ारों फलस्तीनी मारे गए हैं और गाज़ा पट्टी की 23 लाख की आबादी में से तीन चौथाई से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं तथा लोगों के पास कोई सुरक्षित स्थान नहीं रह गया है।

इज़राइल द्वारा सप्ताहांत अपने वार्ताकारों को वापस बुलाए जाने के बाद एक और अस्थायी संघर्षविराम की उम्मीदें धुंधली हो गई हैं। हालांकि इज़राइल का सबसे बड़ा सहयोगी अमेरिका उस पर बड़े पैमाने पर लोगों को और विस्थापित नहीं करने तथा आम लोगों को नहीं मारने का दबाव बढ़ा रहा है और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की क्षेत्र की यात्रा के दौरान यह संदेश रेखांकित किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका फलस्तीनियों को गाज़ा या कब्जे वाले वेस्ट बैंक से जबरन स्थानांतरित करने या गाज़ा की सीमाओं को फिर से खींचने की अनुमति नहीं देगा।

वहीं, फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को संघर्षविराम के खत्म होने के बाद सैकड़ों आम लोगों की मौत हो चुकी है जिससे बातचीत की मेज़ पर फिर से लौटने का दबाव बढ़ रहा है। इज़राइली हमलों की वजह से गाज़ा का उत्तरी हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में पनाह चाह रहे लोगों को भी इन्हीं स्थितियों को गुज़रना पड़ सकता है।

इज़राइल और पड़ोसी मिस्र ने किसी भी शरणार्थी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने रातभर खान यूनिस और इसके पास के इलाकों में हवाई हमलों और बम विस्फोटों की आवाज़ सुनी तथा इसके बाद सोमवार को सेना ने पर्चे गिराकर लोगों से मिस्र की सीमा की ओर दक्षिण में जाने का कहा।

सोशल मीडिया पर सोमवार तड़के अरबी भाषा में किए गए पोस्ट में सेना ने खान यूनिस के आसपास के करीब दो दर्जन इलाकों को खाली करने का फिर से निर्देश दिया है। स्थानीय नागरिक हलीमा अब्देल रहमान ने कहा कि उन्होंने इस तरह के आदेशों पर ध्यान देना बंद कर दिया है और वह अक्टूबर में अपना घर छोड़कर खान यूनिस के बाहरी इलाके में अपने रिश्तेदारों के साथ रह रही हैं।

हमास शासित गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सात अक्टूबर के बाद से क्षेत्र में 15,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 41,000 लोग घायल हुए हैं।

मंत्रालय ने आम लोगों और लड़ाकों का अलग-अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया है लेकिन कहा है कि मृतकों में 70 फीसदी महिलाएं और बच्चे हैं। फलस्तीनी नागरिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि सोमवार तड़के इज़राइली हमले में गाज़ा शहर में उसके तीन बचावकर्मी मारे गए।

फलस्तीनी रेड क्रिसेंट बचाव सेवा ने कहा कि गाज़ा के उत्तरी हिस्से में जबालिया शरणार्थी शिविर में एक घर पर हुए हमले में उसका एक स्वयंसेवक मारा गया और एक कर्मचारी घायल हो गया।

First Published - December 4, 2023 | 6:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट