facebookmetapixel
JIO का IPO आने के बाद महंगे होंगे रिचार्ज, जुलाई से टेलीकॉम यूजर्स पर बढ़ने वाला है बोझHindustan Zinc Q3 Results: चांदी बनी कमाई की मशीन, मुनाफा 46% उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाडॉलर को चुनौती की तैयारी, ब्रिक्स डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया प्रस्तावअमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए SEZ नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, बजट में हो सकती है घोषणारणनीतिक खनिज सुरक्षा पर सरकार का बड़ा दांव, महत्त्वपूर्ण खनिजों के लिए आई पहली टेलिंग पॉलिसीराज्य बॉन्ड को मिले सहारे की मांग, सरकारी बैंकों का OMO में SDL शामिल करने को RBI से आग्रहEditorial: करीब ढाई साल की सुस्ती के बाद भारतीय आईटी उद्योग में सुधार के शुरुआती संकेतभारत की रफ्तार पर IMF का भरोसा, 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर किया 6.4%PNB Q3 Results: बैंक ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, लाभ 13.1% के उछाल के साथ ₹5,000 करोड़ के पारबजट 2026 को भारत के R&D इकोसिस्टम की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत करने पर फोकस करना चाहिए

भारत के विदेश सचिव क्वात्रा ने नेपाल में अपने समकक्ष से की बातचीत

भारत के लिए नेपाल क्षेत्र में अपने समग्र रणनीतिक हितों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के नेताओं ने अक्सर सदियों पुराने "रोटी बेटी" रिश्ते पर ध्यान दिया है।

Last Updated- February 28, 2024 | 8:52 PM IST

विदेश सचिव विनय क्वात्रा और उनके नेपाली समकक्ष सेवा लमसल ने बुधवार को भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। हाल ही में नेपाल के विदेश सचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद लमसल अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत आए हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”दोनों विदेश सचिवों ने भारत एवं नेपाल के बीच बहुमुखी सहयोग की संपूर्ण श्रृंखला पर चर्चा की और सातवें भारत-नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक पर भी चर्चा की।”

संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता पिछले महीने काठमांडू में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके नेपाली समकक्ष एनपी सऊद ने की थी। मंत्रालय ने लमसल की यात्रा पर कहा,”यह यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा और भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत है।”

विदेश सचिव लमसल बृहस्पतिवार को पुणे में विदेश मंत्रालय और पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित आठवीं एशिया आर्थिक वार्ता में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा पर आए हैं। भारत के लिए नेपाल क्षेत्र में अपने समग्र रणनीतिक हितों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के नेताओं ने अक्सर सदियों पुराने “रोटी बेटी” रिश्ते पर ध्यान दिया है।

देश की 1,850 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा पांच भारतीय राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ लगती है। नेपाल वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन के लिए भारत पर बहुत अधिक रूप से निर्भर है।

First Published - February 28, 2024 | 8:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट