facebookmetapixel
Advertisement
Gold, Silver Price Today: चांदी में ₹5,863 गिरावट, सोने का वायदा भाव भी फिसलाकर्नाटक की नई शराब नीति से दिग्गज Liquor Stocks को होगा फायदा! ब्रोकरेज ने कहा- ₹3850 तक जाएगा भावTCS, HDFC: इन 8 दिग्गज कंपनियों ने निवेशकों को दिया शानदार डिविडेंड, चेक करें अमाउंट1 मई से बदल जाएगी ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया, सरकार ने लागू किए बड़े नियमRBI का बड़ा संकेत, रुपये को दुनिया में मजबूत बनाने का प्लान अभी भी जारीअब आपदाएं सिर्फ मौसम की खबर नहीं, सीधे अर्थव्यवस्था पर हमला बन चुकी हैंरियल एस्टेट में 2026 की पहली तिमाही में 5.1 अरब डॉलर का निवेश, 72% की जोरदार बढ़तमुकेश अंबानी का बीमा सेक्टर में बड़ा दांव, आलियांज के साथ नई साझेदारी कितनी बड़ी?देश में मौजूदगी बढ़ाने का लक्ष्य: मदर डेरीपश्चिम एशिया संकट से RBI भी चिंतित, क्या महंगाई और विकास दोनों पर बढ़ गया है खतरा?

राज्य बॉन्ड को मिले सहारे की मांग, सरकारी बैंकों का OMO में SDL शामिल करने को RBI से आग्रह

Advertisement

अभी राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के अत्यधिक आपूर्ति के कारण 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड के बेंचमार्क से अधिक 10 वर्षीय एसडीएल की यील्ड बढ़ी है

Last Updated- January 19, 2026 | 10:26 PM IST
Reserve Bank of India (RBI)
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकारी बैंकों ने भारतीय रिजर्व बैंक से खुले बाजार के संचालन (ओएमओ) में राज्य बॉन्ड या राज्य विकास ऋण (एसडीएल) को भी शामिल करने का अनुरोध किया है। यह जानकारी सूत्रों ने दी।

केंद्रीय बैंक ने एसडीएल को ओएमओ नीलामी में 2020 में किया था, उस समय यील्ड में उछाल आई थी। सूत्रों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बैंकों ने रिजर्व बैंक से खुले बाजार के संचालन की खरीद नीलामियों में राज्य बांड या राज्य विकास ऋण को शामिल करने का अनुरोध किया है। केंद्रीय बैंक ने पिछली बार ओएमओ नीलामी में एसएलडी को 2020 के दौरान शामिल किया था जब यील्ड में उछाल आई थीं।

इस मामले के जानकार व्यक्ति ने बताया, ‘पीएसयू बैंकों से कुछ अनुरोध आए हैं क्योंकि यील्ड व मूल्य में अंतर बढ़ रहा है।’ व्यक्ति ने कहा, ‘रिजर्व बैंक ने ऐसा पिछली बार कोविड के दौरान किया था और यह बहुत मुश्किल निर्णय था।”

अभी राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के अत्यधिक आपूर्ति के कारण 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड के बेंचमार्क से अधिक 10 वर्षीय एसडीएल की यील्ड बढ़ी है। हालांकि रिजर्व बैंक की ओएमओ खरीद से 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड 6.10 से 6.65 के दायरे में रखने में मदद मिली है। केंद्र सरकार के इन प्रतिभूतियों पर ध्यान देने के कारण अंतर बढ़ गया। हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि रिजर्व बैंक का एसएलडी केंद्रित ओएमओ का अनुभव है और इसे इस बार शामिल करने के मामले में सीमित कर सकता है।

केंद्रीय बैंक ने 2020 में अक्टूबर और दिसंबर के बीच तीन एसएलडी विशिष्ट ओएमओ खरीद नीलामियां की थीं। इनमें 75 प्रतिभूतियों के तहत कुल खरीदारी का योग 30,000 करोड़ रुपये था। उस अवधि के दौरान अधिक कारोबार करने वाले राज्यों के लिए 10-वर्षीय विस्तार 45-55 आधार अंक के दायरे में था जबकि कम नकदी राज्यों के लिए यह 55-60 आधार अंक की सीमा में था। हालांकि इसका प्रभाव सीमित था।  

अनंद राठी ग्लोबल फाइनैंस के ट्रेजरी प्रमुख हरसिमरन साहनी ने कहा, ‘हरेक राज्य में इतने सारे आईएसआईएन नंबर होने के बावजूद प्रतिभूतियों की खरीद राशि बहुत कम थी। इस प्रकार पिछली घटना के दौरान एसएलडी केंद्रित ओएमओ के प्रति सुस्त प्रतिक्रिया और भावना थी।’

Advertisement
First Published - January 19, 2026 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement