नेपाल में छह महीने पहले ‘जेनज़ी’ के विरोध प्रदर्शन और फिर सितंबर में केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद हुए पहले आम चुनाव की मतगणना के रुझानों के अनुसार पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी जीत की ओर अग्रसर है।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार आज रात 8 बजे तक 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 144 सीटों के रुझान आ गए हैं। इनमें से आरएसपी तीन सीट जीत चुकी है और 104 पर आगे चल रही है। नेपाली कांग्रेस 14, सीपीएन-यूएमएल 10 और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 7 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे थी।
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा था, ‘हम पारस्परिक लाभ के लिए दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान की आपूर्ति की है।
हाल तक काठमांडू के महापौर रहे बालेंद्र शाह, झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ओली के गढ़ में उनसे आगे चल रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतगणना गुरुवार देर रात शुरू हुई और इसके शुक्रवार रात तक समाप्त होने की संभावना है।
नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए गुरुवार को हुए चुनावों के दौरान लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ। ‘जेनज़ी’ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में ओली की सरकार गिर गयी थी। ‘जेनज़ी’ पीढ़ी से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों से है। वर्ष 2022 में गठित आरएसपी को चुनाव प्रचार के दौरान काफी समर्थन मिला और शाह को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(सीपीएन-यूएमएल) उस सरकार का हिस्सा थीं जो पिछले साल ‘जेनज़ी’ के विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी।
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं जबकि सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा बनाया है। इस आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे। चुनाव में 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिये चुना जाना है। प्रतिनिधि सभा की 165 सीट पर प्रत्यक्ष मतदान में 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके अलावा 110 सीट के लिए 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं।