facebookmetapixel
Advertisement
Caliber Mining IPO: आज से खुला ₹450 करोड़ का IPO, क्या निवेश करना सही रहेगा? जानिए ब्रोकरेज की राय और GMP का हालदेश को मिली पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जिंद से सोनीपत के बीच की दूरी करेगी तय, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडीहाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में बड़ा मौका, Emkay ने 4 शेयरों पर BUY और 4 पर ADD रेटिंग से शुरू की कवरेजसबको स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मध्य वर्ग पर ध्यान देना जरूरी:नैटहेल्थ की अध्यक्ष संगीत रेड्डी33% तक रिटर्न की उम्मीद! शेयरखान ने इन 7 शेयरों को बनाया फंडामेंटल पिकसंसद के मॉनसून सत्र पेश हो सकते हैं वंदे मातरम, आयकर और MSME समेत 5 नए बिलभारत का हाइड्रोजन ट्रेन का सपना पूरा, पीएम मोदी आज दिखाएंगे पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडीकेंद्रीय मंत्री कृ​षि चौहान ने वैज्ञानिकों से कहा, जीएम फसल का विकल्प तलाशेंसोने में लौटी तेजी, चांदी की चमक फीकी; जानें MCX और Comex पर ताजा भावक्या Adani Ports और JSW Infra में अभी भी है कमाई का मौका? मोतीलाल ओसवाल ने बताईं BUY की बड़ी वजहें

उबर शटल के पहियों पर लगा नियामक ब्रेक, दिल्ली-कोलकाता के बाहर विस्तार बना ‘चुनौतीपूर्ण’

Advertisement

उबर इंडिया ने स्वीकार किया है कि कड़े नियमों और आर्थिक चुनौतियों के कारण उसके शटल कारोबार का विस्तार दिल्ली-कोलकाता के बाहर करना फिलहाल कठिन साबित हो रहा है

Last Updated- March 06, 2026 | 10:20 PM IST
Uber
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

उबर इंडिया ने कहा है कि उसका शटल कारोबार चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि उसे लगातार नियामकीय अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है। ये बाधाएं दिल्ली और कोलकाता के अलावा अन्य जगह उसके परिचालन का विस्तार रोकती हैं।

राइड-हेलिंग क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने साल 2024 में बेंगलूरु में सेवा शुरू करने की योजना का ऐलान किया था। लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि दिल्ली और कोलकाता में परिचालन चालू हैं, लेकिन उसे मुंबई और हैदराबाद में सेवाएं बंद करनी पड़ीं।

उबर इंडिया के अध्यक्ष प्रभजीत सिंह ने कंपनी की उबर इंटरसिटी बस सेवा शुरू करने की घोषणा के मौके पर कहा, ‘यह पोर्टफोलियो का हिस्सा है और हम नियामकीय दिशा, अर्थव्यवस्था तथा दक्षता के आधार पर लगातार पुनर्मूल्यांकन करते रहते हैं। यह छोटे स्तर की योजना है।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी के पास विस्तार की कोई ठोस योजना है, तो सिंह ने कहा कि इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं।

Also Read: फरवरी में जमकर दौड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ियां: दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री में 40% से ज्यादा का उछाल

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसमें कई कारक शामिल हैं, मुझे लगता है कि नियमन निश्चित रूप से उनमें से एक है और यह एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है। इसलिए हम नजर रख रहे हैं, लगातार सीख रहे हैं और पहचान रहे हैं कि अलग-अलग योजनाओं के अलग-अलग नियामकीय और आर्थिक प्रोफाइल होंगे। इसलिए हमें इसका मूल्यांकन ही करना है।’ 

उबर शटल ने देश में कंपनी के मौजूदा परिवहन विकल्पों की रेंज में इजाफा किया है। इसमें कार, दोपहिया और तिपहिया शामिल हैं, जो उसकी मल्टी-मॉडल रणनीति का हिस्सा है। उबर टेक टीम ने उबर ऐप पर दूसरी योजनाओं की तरह ही शटल सेवा में रियल-टाइम ट्रैकिंग और नकदी रहित भुगतान जैसी खूबियां शामिल की हैं।

सिंह ने पहले कहा था कि सैन फ्रांसिस्को की यह कंपनी दोपहिया और तिपहिया परिवहन श्रेणी पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो उसकी सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी है, जबकि बाइक टैक्सी अब भी कई भारतीय राज्यों में नियामकीय जांच के दायरे में है।

Advertisement
First Published - March 6, 2026 | 10:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement