भारत ने यूरोपीय संघ की ओर से दायर एक मामले में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की व्यापार विवाद निपटान समिति के फैसले के खिलाफ अपील की है। यूरोपीय संघ ने कुछ सूचना एवं प्रौद्योगिकी उत्पादों पर भारत के आयात शुल्क के खिलाफ मामला दायर किया था।
समिति ने अप्रैल में फैसला सुनाया था कि कुछ सूचना एवं प्रौद्योगिकी (ICT) उत्पादों पर भारत द्वारा लगाया गया आयात शुल्क वैश्विक व्यापार मानदंडों का उल्लंघन है। WTO की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘‘भारत ने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा कुछ वस्तुओं पर उसके आयात शुल्क के खिलाफ दायर मामले में समिति की रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने के अपने फैसले की जानकारी दी। अपील 14 दिसंबर को WTO सदस्यों को भेजी गई।’’
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भारत ने जापान द्वारा दायर ऐसे ही एक मामले के खिलाफ मई में एक अन्य अपील भी दाखिल की थी। WTO के नियमों के अनुसार, WTO के सदस्य जिनेवा स्थित बहुपक्षीय निकाय में मामला दायर कर सकते हैं यदि उन्हें लगता है कि कोई विशेष व्यापार उपाय WTO के मानदंडों के खिलाफ है।
विश्व व्यापार संगठन (WTO) की विवाद निपटान समिति ने 17 अप्रैल को एक फैसले में कहा था कि भारत मोबाइल फोन एवं उपकरणों, बेस स्टेशनों, इंटिग्रेटेड सर्किट (IC) और ऑप्टिकल उपकरणों जैसे ITC उत्पादों पर आयात शुल्क लगाकर वैश्विक व्यापार मानदंडों का उल्लंघन कर रहा है। भारत ने समिति द्वारा ‘‘कानून और कानूनी व्याख्या की त्रुटियों’’ की अपीलीय निकाय से समीक्षा की मांग की है।