facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारीबैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यानIPO और Relisted Shares के नियम बदलने की तैयारी, SEBI ने प्राइस डिस्कवरी में बड़े बदलाव सुझाएGift City में एंट्री करेगी QRT, भारत में बढ़ेगी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की रफ्तारपरिचालन के मोर्चे पर ओला इलेक्ट्रिक को बढ़त, लेकिन रिकवरी की रफ्तार पर अब भी विश्लेषकों को संशयGold-Silver Price: चांदी में 5,000 रुपये की उछाल, सोना भी मजबूतNCDEX के रेनफॉल फ्यूचर को अदालत में चुनौती देगी स्काईमेट9 दिन बाद संभला रुपया, RBI के दखल और कच्चे तेल में नरमी से मिली बड़ी राहतआपकी SIP कैसे रुपये को कर रही है कमजोर? Jefferies ने बताई इसकी कड़वी सच्चाई  

श्रीलंका के दौरे पर जा सकते हैं विदेश मंत्री जयशंकर, ऋण पुनर्गठन पर होगी वार्ता

Advertisement
Last Updated- January 15, 2023 | 5:46 PM IST
External Affairs Minister Jaishankar
Creative Commons license

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की आगामी कोलंबो यात्रा के दौरान श्रीलंका भारत के साथ ऋण पुनर्गठन पर वार्ता करेगा। श्रीलंका दशकों के सबसे गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।

श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 अरब डॉलर के ‘ब्रिज लोन’ को सुरक्षित करने की कोशिश के साथ चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। आईएमएफ बेलआउट पैकेज को रोक दिया गया है क्योंकि श्रीलंका इस सुविधा के लिए वैश्विक ऋणदाता की शर्त को पूरा करने के संबंध में कर्ज देने वाले देशों के साथ बातचीत कर रहा है।

शनिवार को ट्रेड यूनियन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा कि उनकी सरकार ने जापान के साथ ऋण पुनर्गठन वार्ता पूरी कर ली है और इस महीने भारत के साथ ऐसी बैठक करेगी। विक्रमसिंघे ने कहा, ‘19 जनवरी को, भारत के विदेश मंत्री के दौरे पर आने की उम्मीद है और हम भारत के साथ ऋण पुनर्गठन वार्ता जारी रखेंगे।’

जयशंकर की कोलंबो यात्रा के विवरण की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनके श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करने की संभावना है। जरूरत के समय भारत ने पिछले साल कोलंबो को लगभग चार अरब डॉलर की वित्तीय सहायता दी थी। भारत ने वित्तीय संकट के सामने आने के बाद श्रीलंका को अपने समाप्त हो रहे विदेशी भंडार को बनाए रखने के लिए 90 करोड़ डॉलर का ऋण देने की घोषणा की।

भारत ने ईंधन खरीद के लिए श्रीलंका को 50 करोड़ डॉलर की ‘क्रेडिट लाइन’ की भी पेशकश की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ‘क्रेडिट लाइन’ को बाद में बढ़ाकर 70 करोड़ डॉलर कर दिया गया। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा है कि श्रीलंका के पास एकमात्र विकल्प आईएमएफ से बेलआउट पैकेज का है।

यह भी पढ़ें: नेपाल के पोखरा में 72 लोगों को ले जा रहा विमान हुआ क्रैश; राहत बचाव कार्य जारी

राष्ट्रपति ने कहा कि वह 3-4 किस्त में आईएमएफ मदद मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने ट्रेड यूनियन नेताओं से कहा, ‘मैं इस देश को जल्द से जल्द संकट से बाहर निकालना चाहता हूं।’ श्रीलंका 2022 में अभूतपूर्व वित्तीय संकट की चपेट में आ गया था। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आने के साथ देश में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई, जिसके कारण राजपक्षे परिवार को सत्ता से हटना पड़ा।

Advertisement
First Published - January 15, 2023 | 5:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement