facebookmetapixel
Advertisement
Foreign Assets वाले सावधान! ITR में गलत एक्सचेंज रेट डालने पर फंस सकते हैं, टैक्स एक्सपर्ट ने दी चेतावनीITR Deadline 2026: क्या 31 जुलाई के बाद बढ़ेगी आखिरी तारीख? सरकार ने दे दिए संकेतअब सिर्फ चाय नहीं बेच रही Tata Consumer! ये 4 कारोबार बन रहे कमाई का नया इंजनक्या बिना PAN के अटक रहा है ITR? मिनटों में बनाएं और डाउनलोड करें डिजिटल e-PANनंदन नीलेकणी से एस. सोमनाथ तक… जानिए परीक्षा सुधार पैनल के 6 विशेषज्ञों की पूरी प्रोफाइलJuniper Green Energy IPO: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी ला रही ₹1,800 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड हुआ तय; जानें कब खुलेगामहंगा कच्चा माल… फिर भी रिकॉर्ड कमाई! आखिर कंपनियां कर क्या रही हैं?Gold, Silver Price Today: सोना ₹757 चढ़ा, चांदी ₹2266 चमकी; क्रूड की नरमी ने दिया सपोर्टएक के बाद एक संकट झेलने वाली Gopal Snacks की वापसी? ब्रोकरेज को दिखी 64% तेजीजुलाई में IPO की बरसात, ₹9,275 करोड़ का Manipal Health इश्यू आखिरी बड़ा दांव

पर इधर खुद चुकाना पड़ेगा 36.8 करोड़ डॉलर का जुर्माना

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 4:20 PM IST

माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन पर पेंटेंट का उल्लंघन करने के आरोप में 36.8 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।


सेन डियागो स्थित फेडरल कोर्ट की एक जूरी ने कंप्यूटर से जुड़े एक मामले में माइक्रोसॉफ्ट को अल्काटेल ल्यूसेंट एसए कंपनी के पेंटेंट की अनदेखी करने का दोषी पाया है। अल्काटेल ने कंपनी के चार पेंटेंट का उल्लंघन करने के आरोप में माइक्रोसॉफ्ट और डेल इंक से हर्जाने के तौर पर 1.75 अरब डॉलर की मांग की थी।


जूरी ने यह भी पाया कि डेल ने अल्काटेल के स्टाइलस पेंटेंट का उल्लंघन किया है और यह आदेश दिया कि उसे इस जुर्म में कंपनी को 51,000 डॉलर अदा करने होंगे। हालांकि जूरी ने वीडियो कंट्रोल मामले से जुड़े दो पेंटेंट मामलों में कंपनी की ओर से की गई छेड़खानी के आरोप को गलत करार दिया। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार यह इस वर्ष का दूसरा सबसे बड़ा पेंटेंट मामला है जिसमें अदालत ने निर्णय सुनाया हो, जबकि अमेरिका में पेंटेंट संबंधित अब तक का यह पांचवा सबसे बड़ा मामला है।


इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट पर ही अल्काटेल कंपनी के पेंटेंट के साथ छेड़खानी करने के आरोप में 1.52 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। माइक्रोसॉफ्ट के उप महा वाणिज्यदूत टॉम बर्ट ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इस मामले में उनपर से आरोप को जूरी खुद हआ देगी और कंपनी के पक्ष में निर्णय आएगा।


उन्होंने कहा कि इन दोनों ही मामलों में पर्याप्त तथ्यों के आधार पर फैसला नहीं सुनाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ इसी तरह का फैसला पिछले वर्ष भी माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ दिया गया था, जिसे बाद में अदालत ने वापस ले लिया था।

Advertisement
First Published - April 6, 2008 | 10:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement