facebookmetapixel
Advertisement
विकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल और डिजिटल ट्रेनिंग देने पर जोरहोर्मुज में जंग के बीच नाविकों के सामने दो विकल्प, सुरक्षित रहें या ज्यादा कमाएंPM मोदी से मिले 20 स्पेस स्टार्टअप के CEO, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोरबांग्लादेश के पीएम का भारत दौरा अटका, ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने पर भी संशयउदारीकरण के 35 साल: ​1991 के बाद टेलीविजन ने कैसे बदला भारतीय मीडियाEPFO का जिला स्तर पर विस्तार प्लान, रोजगार योजना की रियल टाइम निगरानी होगीभारतीय बैंकों की डॉलर बॉन्ड में दौड़ तेज, आरबीआई की सस्ती स्वैप विंडो का उठा रहे फायदासौर परियोजनाओं की अटकी डील सुलझाएगा मंत्रालय, डिस्कॉम से PPA पर बातचीतपरमाणु बिजली के लिए पारदर्शी शुल्क ढांचा चाहता है उद्योग, 8 रुपये प्रति यूनिट की सीमा की मांगछोटी कंपनियों पर म्युचुअल फंड्स का बड़ा दांव, एंकर निवेश के बाद भी लंबी अवधि तक बने रहते हैं

ट्रांसजेंडर बनाएंगे ‘menstrual cup’, बिहार में लगाई जाएगी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

Advertisement
Last Updated- February 01, 2023 | 10:15 AM IST
Shutter Stock

ट्रांसजेंडर लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की कोशिश के तहत बिहार की राजधानी में विशेष रूप से समुदाय के लोगों द्वारा संचालित ‘मेंस्ट्रुअल कप’ निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।

‘मेंस्ट्रुअल कप’ रबर या सिलिकॉन का एक छोटा कप होता है, जिसका इस्तेमाल महिलाएं मासिक धर्म के दौरान करती हैं। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा की गई इस पहलों के तहत राज्य के हर जिलों के विभिन्न कार्यालयों में भोजनालय और अवांछित बाल हटाने के लिए लेजर उपचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

एनजीओ ‘दोस्तानासफर’ की संस्थापक-सचिव रेशमा प्रसाद ने कहा, ‘‘इन सभी पहलों का मकसद ट्रांसजेंडर लोगों के लिए रोजगार पैदा करना है। ये केंद्र ट्रांसजेंडर ही चलाएंगे, लेकिन इन उत्पादों या सेवाओं को कोई भी खरीद सकता है।’’ साल 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में ट्रांसजेंडर की आबादी 40,827 है। राज्य सरकार ने मेंस्ट्रुअल कप निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए गांधी मैदान के पास दोस्तानासफर को जमीन उपलब्ध कराई है।

प्रसाद ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने क्राउडफंडिंग (ऑनलाइन माध्यम से कई लोगों के धन जुटाकर) के जरिए धन जुटाया और भवन का निर्माण स्वयं किया। अब हम निर्माण मशीनें खरीदने के लिए धन एकत्र करने के विकल्प तलाश रहे हैं। हमने राज्य सरकार से भी संपर्क किया है।’’

प्रसाद ने कहा कि यह संभवतः राज्य में पहली मेंस्ट्रुअल कप निर्माण इकाई होगी। दिल्ली स्थित ‘नेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स’ की सदस्य प्रसाद ने कहा कि पटना के बाहरी इलाके में एक ट्रांसजेंडर सामुदायिक छात्रावास में एक लेजर उपचार केंद्र पहले से ही संचालित है। राज्य भर के विभिन्न कार्यालयों में ट्रांसजेंडरों द्वारा संचालित ‘किन्नर की रसोई’ स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता अभिना अहेर ने कहा कि समुदाय के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के हर प्रयास की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इन पहलों का समर्थन करना चाहिए। हम जल्द ही कुछ मंत्रालयों के सहयोग से नयी दिल्ली में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए उद्योग मेले का आयोजन करेंगे।’’

Advertisement
First Published - February 1, 2023 | 10:11 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement