facebookmetapixel
Advertisement
किसानों को बड़ी राहत! सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद कीमत 13.3% बढ़ाई, अब मिलेगा यह नया भावक्या कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी आपको हॉस्पिटल को देना पड़ा पैसा? एक्सपर्ट से जानिए इसकी असली वजहDividend Stocks: अगले हफ्ते एक्सिस बैंक, टाटा, JSW समेत 45 कंपनियां बाटेंगी बंपर मुनाफा, नोट करें रिकॉर्ड डेटटेलीग्राम पर सरकार का सख्त, फिल्मों-वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटममुफ्त शेयरों की बरसात! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटशेयर बाजार में धमाका: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं 1 के बदले 10 शेयर, नोट कर लें तारीख!यूपी सरकार ने FY27 के लिए तय किया ₹71,278 करोड़ का भारी-भरकम आबकारी लक्ष्य, पहले तीन महीने में रिकॉर्ड कमाईअब उत्तर प्रदेश से सीधे विदेश जाएगा आम, हॉट वेपर ट्रीटमेंट की व्यवस्था राज्य में ही करने जा रही योगी सरकारउत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोल इंडिया और UPRVUNL के बीच हुआ बड़ा समझौताफार्मा कंपनियों को सरकार से बड़ी राहत, अब दवा की वास्तविक ओवरचार्जिंग पर ही होगी कार्रवाई

ट्रांसजेंडर बनाएंगे ‘menstrual cup’, बिहार में लगाई जाएगी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

Advertisement
Last Updated- February 01, 2023 | 10:15 AM IST
Shutter Stock

ट्रांसजेंडर लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की कोशिश के तहत बिहार की राजधानी में विशेष रूप से समुदाय के लोगों द्वारा संचालित ‘मेंस्ट्रुअल कप’ निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।

‘मेंस्ट्रुअल कप’ रबर या सिलिकॉन का एक छोटा कप होता है, जिसका इस्तेमाल महिलाएं मासिक धर्म के दौरान करती हैं। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा की गई इस पहलों के तहत राज्य के हर जिलों के विभिन्न कार्यालयों में भोजनालय और अवांछित बाल हटाने के लिए लेजर उपचार केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

एनजीओ ‘दोस्तानासफर’ की संस्थापक-सचिव रेशमा प्रसाद ने कहा, ‘‘इन सभी पहलों का मकसद ट्रांसजेंडर लोगों के लिए रोजगार पैदा करना है। ये केंद्र ट्रांसजेंडर ही चलाएंगे, लेकिन इन उत्पादों या सेवाओं को कोई भी खरीद सकता है।’’ साल 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में ट्रांसजेंडर की आबादी 40,827 है। राज्य सरकार ने मेंस्ट्रुअल कप निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए गांधी मैदान के पास दोस्तानासफर को जमीन उपलब्ध कराई है।

प्रसाद ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने क्राउडफंडिंग (ऑनलाइन माध्यम से कई लोगों के धन जुटाकर) के जरिए धन जुटाया और भवन का निर्माण स्वयं किया। अब हम निर्माण मशीनें खरीदने के लिए धन एकत्र करने के विकल्प तलाश रहे हैं। हमने राज्य सरकार से भी संपर्क किया है।’’

प्रसाद ने कहा कि यह संभवतः राज्य में पहली मेंस्ट्रुअल कप निर्माण इकाई होगी। दिल्ली स्थित ‘नेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स’ की सदस्य प्रसाद ने कहा कि पटना के बाहरी इलाके में एक ट्रांसजेंडर सामुदायिक छात्रावास में एक लेजर उपचार केंद्र पहले से ही संचालित है। राज्य भर के विभिन्न कार्यालयों में ट्रांसजेंडरों द्वारा संचालित ‘किन्नर की रसोई’ स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता अभिना अहेर ने कहा कि समुदाय के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के हर प्रयास की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को इन पहलों का समर्थन करना चाहिए। हम जल्द ही कुछ मंत्रालयों के सहयोग से नयी दिल्ली में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए उद्योग मेले का आयोजन करेंगे।’’

Advertisement
First Published - February 1, 2023 | 10:11 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement