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एक शेयर टूट जाएगा 5 टुकड़ों में! इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी करने जा रही स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्स

इंजीनियरिंग सेक्टर की इस नामी कंपनी ने शेयरों के फेस वैल्यू को 5 रुपये से घटाकर 1 रुपये करने का फैसला लिया है, जिसके लिए एक्स-डेट व रिकॉर्ड डेट तय 22 जनवरी 2026 तय की गई है

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ऋषभ राज   
Last Updated- January 17, 2026 | 2:54 PM IST

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एक कॉर्पोरेट एक्शन को लेकर निवेशकों की नजर इंजीनियरिंग सेक्टर की नामी कंपनी यूनाइटेड वैन डेर हॉर्स्ट लिमिटेड पर रहने वाली है। इस कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है, जिसकी एक्स-डेट 22 जनवरी 2026 तय की गई है। इस दिन के बाद शेयर नई फेस वैल्यू के हिसाब से ट्रेड करेगा। आम तौर पर स्टॉक स्प्लिट को कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और शेयर की लिक्विडिटी बढ़ाने के कदम के तौर पर देखा जाता है, इसलिए यह खबर निवेशकों के बीच चर्चा में बनी हुई है।

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यूनाइटेड वैन डेर हॉर्स्ट लिमिटेड अपने शेयर का स्प्लिट 5 रुपये के फेस वैल्यू से घटाकर 1 रुपये करने जा रही है। यानी हर एक पुराने शेयर के बदले निवेशकों को पांच नए शेयर मिलेंगे। इस स्टॉक स्प्लिट की एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट दोनों 22 जनवरी 2026 रखी गई हैं। रिकॉर्ड डेट वही तारीख होती है, जिस दिन कंपनी यह तय करती है कि कौन-से शेयरधारक इस कॉर्पोरेट एक्शन के हकदार होंगे।

गौरतलब है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता, क्योंकि यह केवल शेयरों की संख्या और फेस वैल्यू में बदलाव होता है। हालांकि, शेयर की कीमत कम होने से छोटे निवेशकों के लिए इसमें निवेश करना आसान हो जाता है। यही वजह है कि कई बार स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर में ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ती हुई देखने को मिलती है।

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स्टॉक स्प्लिट का निवेशकों के लिए क्या मतलब

स्टॉक स्प्लिट का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि शेयर की कीमत कम होने से इसकी पहुंच ज्यादा निवेशकों तक हो जाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक के पास यूनाइटेड वैन डेर हॉर्स्ट लिमिटेड का एक शेयर है, तो स्प्लिट के बाद उसके पास उसी निवेश के बदले पांच शेयर हो जाएंगे। हालांकि, निवेश की कुल वैल्यू स्प्लिट के तुरंत बाद लगभग वही रहती है।

कई निवेशक स्टॉक स्प्लिट को कंपनी के मैनेजमेंट का पॉजिटिव संकेत भी मानते हैं, क्योंकि आमतौर पर वही कंपनियां स्प्लिट का फैसला करती हैं, जिनमें भविष्य में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद होती है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत में तेजी ही आए। बाजार की चाल, कंपनी के नतीजे और सेक्टर का माहौल भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।

मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड वैन डेर हॉर्स्ट लिमिटेड के मामले में निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि 22 जनवरी 2026 से पहले जिनके पास कंपनी के शेयर होंगे, वही इस स्टॉक स्प्लिट के पात्र माने जाएंगे। एक्स-डेट के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस कॉर्पोरेट एक्शन का लाभ नहीं मिलेगा।

कुल मिलाकर, अगले हफ्ते होने जा रहा यह स्टॉक स्प्लिट उन निवेशकों के लिए अहम हो सकता है, जो कंपनी के शेयर को लंबे समय के नजरिये से देख रहे हैं और कॉर्पोरेट एक्शन को निवेश के एक अवसर के तौर पर समझते हैं।

First Published : January 17, 2026 | 2:54 PM IST