मंगलवार को टाटा कैपिटल लिमिटेड के शेयर नई ऊंचाई पर पहुंचने के बाद थोड़े कमजोर हो गए। कंपनी के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, जिसके बाद विश्लेषकों (एनालिस्ट्स) ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया।
दिन के कारोबार में टाटा कैपिटल का शेयर करीब 2% चढ़कर ₹367.3 तक पहुंच गया, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। बाद में मुनाफावसूली के कारण शेयर फिसलकर ₹360.2 पर आ गया। इसी दौरान निफ्टी 50 में 0.40% की गिरावट देखी गई।
कंपनी के शेयर लगातार चार दिन से बढ़ रहे हैं और फिलहाल इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले 30 दिनों के औसत से 2.5 गुना ज्यादा है। इस साल अब तक टाटा कैपिटल का शेयर 4.5% चढ़ा है, जबकि निफ्टी 50 में 2.3% की गिरावट आई है। कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹1.51 लाख करोड़ है।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 36% बढ़कर ₹1,285 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹922 करोड़ था। कंपनी की कुल आय 33% बढ़कर ₹3,594 करोड़ रही। वहीं, कंपनी का कुल लोन बुक 23% बढ़कर ₹2.29 लाख करोड़ हो गया।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹2.34 लाख करोड़ रहा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा SME (छोटे और मझोले कारोबार) का है, जो ₹70,549 करोड़ है।
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एमके ग्लोबल ने कहा कि टाटा कैपिटल ज्यादा मुनाफा देने वाले और छोटे-छोटे लोन वाले सेक्टर पर ध्यान बढ़ा रही है, जैसे अनसिक्योर्ड रिटेल, SME, अफोर्डेबल हाउसिंग और इस्तेमाल किए गए कमर्शियल वाहन। ब्रोकरेज के मुताबिक, अनसिक्योर्ड लोन में तनाव अब काफी हद तक कम हो गया है और वसूली बेहतर हुई है। एमके ग्लोबल ने शेयर पर ‘Add’ रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस ₹360 से बढ़ाकर ₹380 कर दिया है। वहीं, जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि कंपनी की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है और बैड लोन में कमी आई है। ब्रोकरेज ने भी शेयर पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹385 तय किया है।