facebookmetapixel
दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टर

गंगा नदी पर स्थित गांवों से निकलने वाले लगभग 2400 नालों की ‘geo tagging’ कराएगी सरकार

Last Updated- May 21, 2023 | 3:58 PM IST
Ganga

गंगा नदी के किनारे मलबा डाले जाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बारे में संज्ञान लेते हुए सरकार नदी किनारे स्थित चार हजार गांवों से निकलने वाले लगभग 2400 नालों की ‘जियो टैगिंग’ करेगी और इनसे ठोस कचरा प्रवाहित होने से रोकने के लिए उपकरण ‘एरेस्टर स्क्रीन’ लगायेगी।

गंगा नदी पर अधिकार सम्पन्न कार्यबल (ईटीएफ) की पिछले महीने हुई 11वीं बैठक के कार्यवृत (मिनट्स) दस्तावेज से यह जानकारी मिली है। बैठक में जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह निर्देश दिया। बैठक के कार्यवृत के अनुसार, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के महानिदेशक ने बैठक में बताया कि उत्तरकाशी में सुरंग के निर्माण के कारण इसके मलबे को गंगा नदी के किनारे डाल दिया गया।

इससे नदी के जल में ठोस कचरा प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे कई स्थानों पर ठोस कचरा डाला जा रहा है जो नदी के जल में जा रहा है। एनएमसीजी के महानिदेशक ने बताया कि इसके कारण जलमल शोधन संयंत्रों में गंदे पानी का शोधन करने में समस्याएं आ रही हैं। कार्यवृत दस्तावेज के अनुसार जल शक्ति सचिव, ग्रामीण विकास सचिव ने कहा कि अमृत 2.0 के कोष का उपयोग नदी जल में जा रहे ठोस कचरे को रोकने एवं स्क्रीन लगाने के लिए किया जा सकता है।

इस संबंध में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से भी सहयोग मांगा गया है। जल शक्ति मंत्री शेखावत ने निर्देश दिया कि गंगा नदी के तट पर स्थित गांवों से निकलने वाले नालों की ‘जियो टैगिंग’ की जाए और इनसे नदी में ठोस कचरा प्रवाहित होने से रोकने के लिए उपकरण ‘एरेस्टर स्क्रीन’ स्थापित की जाये। दस्तावेज के अनुसार, ‘‘यह निर्णय किया गया कि गंगा नदी के तट पर स्थित सभी गांव (लगभग 4000) से निकलने वाले सभी नालों (लगभग 2400) की ‘जियो टैगिंग’ की जायेगी।’’

इसमें कहा गया है कि ‘जियो टैगिंग’ किये गये नालों की सूचनाएं शहरी स्थानीय निकायों/ आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण-2 के साथ साझा की जायेगी ताकि नदी में ठोस कचरा प्रवाहित होने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके।

First Published - May 21, 2023 | 3:58 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट