facebookmetapixel
Advertisement
प्राइवेट कंपनियां बिछाएंगी रेलवे ट्रैक? रेलवे का 1.8 लाख करोड़ रुपये का नया प्लानक्या नाबालिग बच्चे के PPF अकाउंट में जमा पैसे को माता-पिता निकाल सकते हैं? दिल्ली हाई कोर्ट ने कर दिया साफविदेशी निवेशकों के लिए कमोडिटी ट्रेडिंग का दायरा बढ़ाएगा SEBI, क्रूड और गोल्ड में बढ़ेगी लिक्विडिटीटाटा मोटर्स का बड़ा EV दांव: देश के पहले इलेक्ट्रिक ट्रक की शुरुआत की, एक बार चार्जिंग पर 350KM का रेंजत्योहारी सीजन में और महंगी होगी चीनी! उत्पादन में गिरावट से 11% तक बढ़े दाम, कीमत ₹50 के पारखरीफ बोआई में सुधार के बावजूद धान की रोपाई पिछड़ी, चावल उत्पादन कम होने की आशंकाExplainer: REITs या InvITs या फिजिकल रियल एस्टेट, कहां निवेश पर ज्यादा फायदा व कहां नुकसान का खतरा?NFO Alert: बंधन कॉन्ट्रा फंड का NFO 24 अगस्त तक खुला, ₹1,000 से शुरू कर सकते हैं निवेश500 GW लक्ष्य के लिए भारत को हर साल चाहिए $35 अरब, क्या InvITs बनेंगे रिन्यूएबल एनर्जी का सहारा?लगातार कॉल, रिकवरी एजेंट की धमकी व फोन लॉक — RBI के नए नियमों से लोन लेने वालों के लिए क्या बदलेगा?

तस्करी पर भारत-नेपाल के बीच बात

Advertisement

सीमा पार आपराधिक गतिविधियों और सोना, नशीले पदार्थ और नकली नोट (एफसीएन) सहित प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।

Last Updated- April 13, 2025 | 10:34 PM IST

भारत और नेपाल के बीच व्यापार और सीमा शुल्क परिचालन को प्रभावी और कुशल बनाने के लिए दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों ने बातचीत की। इसमें सीमा पार आपराधिक गतिविधियों और सोना, नशीले पदार्थ और नकली नोट (एफसीएन) सहित प्रतिबंधित सामान की तस्करी रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।

तस्करी रोकने के लिए सीमा पर प्रभावी प्रबंधन के महत्त्व को स्वीकार करते हुए इस बातचीत में सीमा पर बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने और ट्रांजिट प्रक्रिया के ऑटोमेशन और डिजिटलीकरण पर भी चर्चा हुई। काठमांडू में 10 और 11 अप्रैल को हुई सीमा शुल्क सहयोग पर महानिदेशक स्तर की 21वीं वार्ता के दौरान इन मसलों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने सीमा पार आपराधिक गतिविधियों और सोने, नशीले पदार्थ और नकली नोट की तस्करी पर बात की। इसके अलावा प्रतिबंधित श्रेणी की वस्तुओं जैसे ई-सिगरेट, ई-लाइटर और लहसुन की कुछ किस्मों की तस्करी पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा संवेदनशील वस्तुओं सहित वाणिज्यिक धोखाधड़ी पर भी बैठक के दौरान बात हुई।

सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘वस्तुओं की तस्करी आम चुनौती है, यह स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों ने सक्रिय भागीदारी और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के साथ सीमा पार तस्करी रोकने पर सहयोग की उम्मीद जताई। दोनों देशों ने अनधिकृत व्यापार पर नियंत्रण करने के लिए जरूरी कदम उठाने और मिलकर काम करने पर सहमति जताई।’बातचीत के एजेंडे में कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया था।

Advertisement
First Published - April 13, 2025 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement