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अरावली की रक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का एक्शन, 29 दिसंबर को सुनवाई

अरावली पहाड़ियों में खनन पर रोक और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 29 दिसंबर को सुनवाई तय की है।

Last Updated- December 28, 2025 | 8:50 AM IST
Aravalli issue
सुप्रीम कोर्ट अरावली पहाड़ियों में खनन से जुड़े मामले पर 29 दिसंबर को करेगा सुनवाई

Aravalli protest: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों में खनन से जुड़े मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई 29 दिसंबर, सोमवार को होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला तीन जजों की पीठ के सामने आएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत करेंगे।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केंद्र सरकार ने हाल ही में अरावली क्षेत्र में नए खनन पट्टों पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, पूर्व वन संरक्षण अधिकारी आर पी बलवान ने भी इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

नए खनन पट्टों पर पूरी तरह रोक

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने सभी संबंधित राज्यों को निर्देश दिया है कि दिल्ली से गुजरात तक फैली पूरी अरावली पर्वत श्रृंखला में किसी भी तरह का नया खनन पट्टा न दिया जाए। मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला अवैध और अनियंत्रित खनन को रोकने और इस प्राचीन पर्वत श्रृंखला की सुरक्षा के लिए लिया गया है।

बाद में मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर के आदेश के अनुसार, जब तक एक व्यापक अध्ययन पूरा नहीं हो जाता, तब तक कोई नया खनन पट्टा मंजूर नहीं किया जाएगा।

अरावली को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की अरावली की परिभाषा को स्वीकार किया था। इसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को सख्त खनन प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रखा गया है। अदालत ने अरावली क्षेत्र में टिकाऊ खनन के लिए सुझावों को भी मंजूरी दी थी और अवैध खनन रोकने के उपायों पर सहमति जताई थी।

हाल ही में कोर्ट ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि पूरे अरावली क्षेत्र के लिए ‘सस्टेनेबल माइनिंग प्लान’ तैयार किया जाए। जब तक यह योजना अंतिम रूप नहीं ले लेती, तब तक नए खनन पट्टे जारी नहीं किए जाएंगे।

अरावली पहाड़ियों का महत्व

अरावली पहाड़ियां करीब 670 किलोमीटर लंबी हैं, जो दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान होते हुए गुजरात तक फैली हैं। इस पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर है, जो राजस्थान के माउंट आबू में स्थित है और इसकी ऊंचाई 1,722 मीटर है।

अरावली भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला मानी जाती है, जिसका भूवैज्ञानिक इतिहास लगभग दो अरब साल पुराना है। यही कारण है कि इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं उठती रही हैं।

First Published - December 28, 2025 | 8:50 AM IST

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