Pollution relief: दिल्ली की हवा में सुधार देखने को मिल रहा है। प्रदूषण में आई इस कमी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-II के तहत लागू सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं। हालांकि प्रदूषण दोबारा न बढ़े, इसके लिए स्टेज-I के उपाय जारी रहेंगे। एजेंसियों को सख्त निगरानी बनाए रखने और उपायों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। CAQM ने कहा कि वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे के फैसले लिए जाएंगे।
बीते कुछ दिनों से एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में लगातार कमी देखने को मिल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली का औसत AQI 16 फरवरी को 261 दर्ज किया गया। यह 17 फरवरी को घटकर 249 और 18 फरवरी यानी आज और भी घटकर 214 रह गया। मौसम एजेंसियों भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में AQI ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में रहने की संभावना है। इसी आधार पर CAQM ने स्टेज-II हटाने का फैसला लिया गया।
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-डीजल जनरेटर सेट (DG sets) के उपयोग पर प्रतिबंध (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर)
-निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर कड़ी निगरानी व धूल नियंत्रण अनिवार्य
-सड़कों की मैकेनिकल सफाई और पानी का नियमित छिड़काव
-पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की सलाह
-औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों का सख्त पालन
-कोयला/लकड़ी जलाने पर सख्ती और कूड़ा जलाने पर कड़ी कार्रवाई
इन सभी उपायों को अब हटाया गया है।
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CAQM ने ग्रेप के दूसरे चरण के तहत लगी पाबंदियों में भले ढील दी है। लेकिन आगे हवा न बिगड़े, इसलिए CAQM ने स्पष्ट किया कि स्टेज-I के तहत बेसिक प्रदूषण नियंत्रण उपाय जारी रहेंगे। इस उपायों में निम्न कदम शामिल हैं।
-निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण (ग्रीन नेट, पानी का छिड़काव)
-सड़कों की नियमित सफाई और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग
-खुले में कूड़ा या बायोमास जलाने पर रोक
-उद्योगों और थर्मल पावर प्लांट्स पर उत्सर्जन मानकों का पालन
-जन जागरूकता अभियान और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा