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ICAI की सरकार से मांग: पीएम इंटर्नशिप योजना में पेशेवर सेवा फर्मों को मिले जगह

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ICAI इस योजना में भाग लेने के लिए सीए फर्मों के लिए मानदंड लेकर आएगा और इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि इस योजना के माध्यम से वे अधिकतम कितने इंटर्न की भर्ती कर सकती हैं

Last Updated- February 18, 2026 | 9:53 PM IST
Prasanna Kumar D
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी जैसी पेशेवर सेवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) में शामिल करने के लिए सरकार अलग प्रावधान करेगी।

आईसीएआई के अध्यक्ष ने कहा, ‘वर्तमान में कंपनियों को अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व फंड का उपयोग पीएमआईएस के लिए करने की अनुमति है। चूंकि सीए फर्म भी बिना किसी सीएसआर फंड के भाग लेना चाहती हैं, इसलिए मंत्रालय हमें भाग लेने की अनुमति दे सकता है।’

कुमार ने कहा कि आईसीएआई इस योजना में भाग लेने के लिए सीए फर्मों के लिए मानदंड लेकर आएगा और इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि इस योजना के माध्यम से वे अधिकतम कितने इंटर्न की भर्ती कर सकती हैं।

आईसीएआई के अध्यक्ष ने कहा, ‘आईसीएआई सक्रिय रूप से एमसीए के साथ काम कर रहा है और इंटर्न के प्लेसमेंट को सुविधाजनक बनाने के लिए उन कॉरपोरेट्स के साथ तालमेल कर रहा है, जिन्होंने सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूरा कर लिया है और इससे सरकार की नैशनल स्किलिंग पहलों में योगदान हो रहा है। साथ ही इससे देश भर में सतत कार्यबल विकास को मजबूत किया जा रहा है।’

उन्होंने आगे कहा कि आईसीएआई ने प्रशिक्षु रखने के सीएसआर प्रभाव की जांच करके सिफारिश की है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण व्यय को सीएसआर का पात्र माना जा सकता है, जबकि रोजगार मिलने के बाद की लागत सामान्य कारोबारी व्यय के रूप में माना जाना चाहिए। आईसीएआई ने एक बयान में कहा, ‘यह स्पष्टीकरण सीएसआर कार्यान्वयन को सेक्शन 135 और शेड्यूल 7 के विधायी इरादे के साथ तालमेल करेगा और अलग-अलग व्याख्याओं को रोकेगा।’

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय प्रशिशु के काम शुरू करने पर 6,000 प्रत्यक्ष नकदी हस्तांतरण करता है और उसे पीएम जीवन ज्योति बीमा और पीएम सुरक्षा योजना का बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा उसे 5,000 रुपये प्रति माह वित्तीय सहायता मिलती है, जिसमें से 4,500 रुपये सरकार देती है, जबकि 500 रुपये कंपनी अपने सीएसआर खाते से देती है। अगर कंपनी चाहे तो वह 500 रुपये से ज्यादा भी अपने फंड से दे सकती है।

आईसीएआई ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में घोषित कॉरपोरेट मित्र पहल को 31 मई तक शुरू करने की योजना बनाई है।

इस कार्यक्रम के तहत स्नातकों को 9 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें आईसीएआई शाखा में 6 से 7 महीने का प्रैक्टिकल अनुभव देना शामिल है। इसके माध्यम से उन्हें सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की अनुपालन जरूरतों में मदद करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आईसीएआई के अध्यक्ष ने कहा कि स्नातकों को बहीखाता के कामकाज में प्रशिक्षित किया जाएगा और बाद में वे एमएसएमई को उचित मूल्य पर उपलब्ध होंगे। कुमार ने आगे कहा, ‘हम कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।’

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First Published - February 18, 2026 | 9:52 PM IST

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