मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2026–27 का यह बजट 4,38,317 करोड़ रुपये का है। राज्य सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों, महिलाओं और अधोसंरचना पर विशेष जोर दिया है। इन क्षेत्रों के लिए 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है।
मुख्य आवंटनों की बात करें तो महिलाओं के कल्याण के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये, कृषि और किसानों के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये तथा अधोसंरचना के लिए 59,347 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिसकी छाप बजट में साफ दिखाई देती है।
लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पंचायत और ग्रामीण विकास को 40,062 करोड़ रुपये, जी राम जी योजना को 10,428 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन को 4,454 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए 3,060 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, सरकार ने एक लाख किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य घोषित किया है।
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वित्त मंत्री ने इसे राज्य का पहला रोलिंग बजट भी करार दिया। पारंपरिक वार्षिक बजट से अलग, रोलिंग बजट केवल वित्तीय वर्ष का लेखा‑जोखा नहीं करता, बल्कि आने वाले 2–3 वर्षों के अनुमान और लक्ष्यों को भी शामिल करता है। यह एक स्थिर दस्तावेज के बजाय एक गतिशील योजना की तरह कार्य करता है।
युवा आर्थिक परिषद के अध्यक्ष अर्थशास्त्री देवेंद्र विश्वकर्मा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘राज्य सरकार ने वर्ष 2026–27 को ग्रामीण और कृषि विकास को समर्पित किया है, जो बजट में स्पष्ट रूप से दिखता है। ग्रामीण और कृषि विकास की अनेक योजनाओं को धन आवंटित किया गया है। लेकिन इस बजट में बड़े उद्योगों की अनदेखी भी साफ दिखाई देती है।’
चार्टर्ड अकाउंटेंट जय नागपाल ने बजट को ग्रीन बजट करार देते हुए कहा कि इसमें कई पर्यावरणीय पहलें शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘बजट में 972 नई ई‑बसें शुरू करने की बात है, जबकि लगभग 472 ई‑बसें पहले से संचालित हैं। इसके अलावा सभी सरकारी विभागों के लिए ई‑वाहन खरीदने और एक लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। यह बताता है कि सरकार पर्यावरण के अनुकूल विकास की दिशा में बढ़ रही है।’
हालांकि विपक्षी दलों ने राज्य की चिंताजनक वित्तीय स्थिति को देखते हुए बजट की आलोचना की है। माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा, ‘बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही राज्य ने 5,700 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। ऐसे में बजट से क्या उम्मीद की जाए।’
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ ने बजट को जनता से विश्वासघात वाला बजट बताया।