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IMD’s 150th Foundation Day: जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भारत का ‘मिशन मौसम’ शुरू, PM Modi ने किया लॉन्च

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मोदी ने कहा कि जलवायु का सामना करने के लिए भारत एक 'स्मार्ट राष्ट्र' बने, इसके लिए हमने ‘मिशन मौसम’ भी शुरू किया है।

Last Updated- January 14, 2025 | 2:45 PM IST
Prime Minister Narendra Modi speaks during the 150th foundation day celebrations of India Meteorological Department (IMD), in New Delhi.
नई दिल्ली में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 150वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी। (@NarendraModi on Youtube via PTI Photo)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश को प्रत्‍येक मौसम और जलवायु का सामना करने के लिए ‘स्मार्ट राष्ट्र’ बनाने के मकसद से ‘मिशन मौसम’ की शुरुआत की।

राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित समारोह में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री ने आईएमडी के 150वें स्थापना दिवस पर एक स्मारक सिक्का और मौसम संबंधी अनुकूलता और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए आईएमडी विज़न-2047 दस्तावेज़ भी जारी किया। इसमें मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन शमन की योजनाएं शामिल हैं। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में आईएमडी की उपलब्धियों पर आधारित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज हम भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी के 150 वर्ष का जश्न मना रहे हैं। यह केवल भारतीय मौसम विभाग की यात्रा नहीं है, यह हमारे भारत में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भी यात्रा है।” उन्होंने कहा कि आईएमडी ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक यात्रा का भी प्रतीक बना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक संस्थाओं में शोध और नवोन्मेष नए भारत के मिजाज का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “इसीलिए, पिछले 10 वर्षों में आईएमडी की अवसंरचना और प्रौद्योगिकी का भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। मोदी ने कहा कि जलवायु का सामना करने के लिए भारत एक ‘स्मार्ट राष्ट्र’ बने, इसके लिए हमने ‘मिशन मौसम’ भी शुरू किया है।

उन्होंने कहा, “मिशन मौसम टिकाऊ भविष्य और भविष्य की तैयारियों को लेकर भारत की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।” ‘मिशन मौसम’ का लक्ष्य अत्याधुनिक मौसम निगरानी तकनीक और सिस्टम विकसित करके, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन, अगली पीढ़ी के रडार और उपग्रहों एवं उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटरों को कार्यान्वित करते हुए उच्‍च स्‍तरीय क्षमता को हासिल करना है।

यह मौसम और जलवायु प्रक्रियाओं की समझ को बेहतर बनाने, वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा जो लंबे समय में मौसम प्रबंधन और हस्तक्षेप की रणनीति बनाने में सहायता प्रदान करेगा।

आईएमडी के 150वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, पिछले 150 वर्षों के दौरान आईएमडी की उपलब्धियों, भारत को जलवायु-अनुकूल बनाने में इसकी भूमिका तथा विभिन्न मौसम और जलवायु सेवाएं प्रदान करने में सरकारी संस्थानों द्वारा निभाई गई भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए कार्यक्रमों, गतिविधियों और कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई है।

<blockquote class=”twitter-tweet” data-media-max-width=”560″><p lang=”hi” dir=”ltr”><a href=”https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#WATCH</a> दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 150वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा, &quot;मौसम विज्ञान किसी भी देश की आपदा प्रबंधन क्षमता का सबसे जरूरी सामर्थ्य होता है। प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम से कम करने के लिए हमें मौसम विज्ञान की… <a href=”https://t.co/0Pkv1ALIKr”>pic.twitter.com/0Pkv1ALIKr</a></p>&mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href=”https://twitter.com/AHindinews/status/1879054280235331694?ref_src=twsrc%5Etfw”>January 14, 2025</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

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First Published - January 14, 2025 | 12:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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