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लोको पायलट के काम के घंटे 8 से कम, विपक्ष के आरोप बेबुनियाद: अश्विनी वैष्णव

मंत्री ने दावा किया कि विपक्ष झूठी खबरों के आधार पर रेल परिवार का मनोबल गिराने का प्रयास कर रहा है। इस महीने की शुरुआत में गांधी ने भारतीय रेल के लोको पायलट से मुलाकात की था।

Last Updated- July 10, 2024 | 10:01 PM IST
Ashwini Vaishnaw

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि निर्धारित मानदंडों के तहत भारतीय रेल के लोको पायलट के कार्य करने के घंटे और दशाएं हैं। दरअसल, नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले लोको पायलट की कार्यदशाओं पर टिप्पणी की थी।

मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘लोको पायलट के कार्य के घंटों पर सावधानीपूर्वक नजर रखी जाती है। पायलट को ट्रिप पूरे करने के बाद समुचित रूप से आराम दिया जाता है। इनके औसत कार्य के घंटे निर्धारित अवधि के तहत ही हैं। इस साल जून में उनका औसत 8 घंटे से कम है। केवल मजूबरियों की स्थिति में ही ट्रिप के दौरान उनके कार्य के घंटे निर्धारित समय से अधिक होते हैं।’

मंत्री ने दावा किया कि विपक्ष झूठी खबरों के आधार पर रेल परिवार का मनोबल गिराने का प्रयास कर रहा है। इस महीने की शुरुआत में गांधी ने भारतीय रेल के लोको पायलट से मुलाकात की था।

उन्होंने कहा था ‘लोको पायलट को मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय से वंचित रखा जाता है। उनके कार्य करने के घंटों की कोई सीमा नहीं है। उन्हें अवकाश भी नहीं मिलता है। इससे वे शारीरिक व मानसिक रूप से थक रहे हैं। बीमार हो रहे हैं। ऐसी स्थितियों में लोको पायलट को रेलगाड़ी चलानी पड़ रही है।’

First Published - July 10, 2024 | 10:01 PM IST

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