facebookmetapixel
Weather Update Today: 8 फरवरी की रात से बदलेगा मौसम का मिजाज, हिमालय में बारिश-बर्फबारी तयभारत-अमेरिका की तकनीकी दोस्ती, GPUs और डेटा सेंटर में बढ़ेगा व्यापारमहंगी बाइक के हैं शौकीन? हार्ले-डेविडसन समेत बड़ी बाइक्स होंगी सस्ती, लगेगी जीरो इंपोर्ट ड्यूटी150% का तगड़ा डिविडेंड! Q3 में अच्छी कमाई के बाद नवरत्न कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सस्टॉक मार्केट में मचेगी हलचल: अगले हफ्ते डिविडेंड-स्टॉक स्प्लिट-बोनस शेयर की बारिश, देखें पूरी लिस्टIndia US Trade Deal: फार्मा से ऑटो तक, अमेरिका में इन सेक्टरों की चमक बढ़ेगी कई गुनामार्केट में डिविडेंड की बारिश: अगले हफ्ते Hero, MRF, RVNL समेत 50 से अधिक कंपनियां बाटेंगी मुनाफापीयूष गोयल का दावा: अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसान, छोटे उद्योग और कारीगर रहेंगे सुरक्षितअगले हफ्ते रडार पर रहेगा यह शेयर! स्टॉक स्प्लिट से बढ़ेगी लिक्विडिटी, चेक करें पूरी डिटेल्सरिलायंस ने ऑस्ट्रेलिया की मशहूर हेल्थ ड्रिंक कंपनी खरीदी, अब Nexba और PACE भारत में!

‘One Nation, One Election’: कोविंद की अगुवाई वाली समिति ने एक साथ चुनाव कराने पर जनता से मांगे सुझाव

उच्चस्तरीय समिति ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि 15 जनवरी तक प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा।

Last Updated- January 06, 2024 | 1:32 PM IST
One Nation One Election committee Former President Ram Nath Kovind
File Photo: Former President Ram Nath Kovind

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर गठित समिति ने ‘‘देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए मौजूदा कानूनी प्रशासनिक ढांचे में उचित बदलाव करने के लिए’’ जनता से सुझाव मांगे हैं।

उच्चस्तरीय समिति ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि 15 जनवरी तक प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा। नोटिस में कहा गया है कि सुझाव समिति की वेबसाइट पर दिए जा सकते हैं या ईमेल के जरिए भेजे जा सकते हैं।

समिति का गठन पिछले साल सितंबर में किया गया था और तब से इसने दो बैठकें की हैं। इसने हाल में राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर देश में एक साथ चुनाव कराने पर उनके विचार मांगे थे। यह पत्र छह राष्ट्रीय दलों, 22 प्रादेशिक दलों और सात पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों को भेजे गए थे। समिति ने एक साथ चुनाव कराने पर विधि आयोग के विचार भी सुने।

विधि आयोग को इस मुद्दे पर दोबारा बुलाया जा सकता है। विचारार्थ विषय के अनुसार, समिति का उद्देश्य भारत के संविधान और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत ‘‘मौजूदा ढांचे को ध्यान में रखते हुए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर निकायों और पंचायतों के वास्ते एक साथ चुनाव कराने के लिए सिफारिशें करना है और उस उद्देश्य के लिए संविधान, जन प्रतिनिधित्व कानून, 1950, जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 और नियमों तथा अन्य कानूनों में विशेष संशोधनों की सिफारिश करना है जो एक साथ चुनाव कराने के लिए आवश्यक होंगी।

First Published - January 6, 2024 | 1:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट