facebookmetapixel
Advertisement
अब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!IPO, QIP और राइट्स इश्यू से जुटाई रकम पर सेबी की नजर, नियम होंगे सख्त

मध्य प्रदेश ने बढ़ाया शराबबंदी की दिशा में एक और कदम, धार्मिक महत्व के इन 17 नगरों में नहीं मिलेगी शराब

Advertisement

धार्मिक महत्व के 17 नगरों में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा, इससे पहले नर्मदा के तटवर्ती पांच किमी के दायरे में बंद की थी शराब की बिक्री।

Last Updated- January 24, 2025 | 5:27 PM IST
CM Mohan Yadav

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश के धार्मिक महत्व वाले 17 शहरों में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की घोषणा की। प्रदेश सरकार ने शराबबंदी की दिशा में चरणबद्ध ढंग से बढ़ते हुए यह फैसला किया है कि मध्य प्रदेश के 17 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें पूरी तरह बंद की जाएंगी। इन दुकानों को कहीं और स्थानांतरित भी नहीं किया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की धार्मिक नगरी महेश्वर में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राज्य को धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर ले जाने की योजना के तहत पहले चरण में 17 धार्मिक महत्व के नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए। इन 17 धार्मिक नगरों में एक नगर निगम, छह नगर पालिकाएं, छह नगर परिषद और छह ग्राम पंचायत शामिल हैं।’

इनमें उज्जैन नगर निगम के अलावा दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर और मैहर नगर पालिकाएं तथा ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, चित्रकूट और अमरकंटक नगर परिषदों के अलावा छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

Also read: Halwa Ceremony: क्या है हलवा सेरेमनी? बजट से पहले क्या है इसका महत्व? कब हुआ शुरू और क्या बदला; जानिए सब कुछ

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के तटीय इलाकों के पांच किलोमीटर के दायरे में पहले से लागू शराबबंदी की नीति पूर्ववत जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के क्रियान्वयन के विषय में कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस निर्णय को लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी को लेकर धार्मिक संगठनों और महिलाओं से जिस प्रकार की प्रतिक्रिया मिल रही है उसे देखकर लग रहा है कि यह एकदम सही नीतिगत निर्णय है।

Advertisement
First Published - January 24, 2025 | 5:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement