facebookmetapixel
UP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि की

GIS: रोजगार बढ़ाने वाले टेक्सटाइल सेक्टर पर फोकस

Last Updated- January 06, 2023 | 3:19 PM IST
textile industry

बड़ी संख्या में रोजगार देने वाले टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर पर मध्य प्रदेश सरकार का खास जोर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि इस सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। आगामी 11-12 जनवरी को इंदौर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी टेक्सटाइल सेक्टर को अच्छी तरह शोकेस किया जाएगा।

मध्य प्रदेश देश का इकलौता राज्य है जो बड़े उद्योगों को टैक्स-डीलिंक्ड इन्वेस्टमेंट सहायता प्रदान करता है। यहां मशीनों की खरीद पर 5 से 7 फीसदी की ब्याज सब्सिडी, डिस्काउंटेड टैरिफ पर छूट और अधोसंरचना विकास के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश देश के ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में 43 फीसदी और वैश्विक उत्पादन में 24 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। बीते तीन वर्षों में राज्य ने 60 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की है।

मध्य प्रदेश में 60 से अधिक बड़ी टेक्साइल मिल, 4,000 से अधिक लूम्स तथा 25 लाख से अधिक स्पिंडल्स हैं। अकेले इंदौर में 1,200 से अधिक कपड़े डिजाइन करने वाले सेंटर हैं।

इंदौर की कंपनी प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रेयस्कर चौधरी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘कंपनी ने उज्जैन में अपनी नई फैक्ट्री स्थापित की है जो पूरी तरह ग्रीन टेक्नॉलजी पर आधारित है। इस फैक्ट्री में कुल 4,000 कर्मचारी हैं जिनमें से 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। मध्य प्रदेश सरकार की नीतियां और बुनियादी ढांचा सहयोग बेमिसाल हैं और यहां कुशल श्रमिक भी उपलब्ध हैं। इन्हीं बातों से प्रोत्साहित होकर हमने उज्जैन में निवेश करने का निर्णय लिया।’

मध्य प्रदेश में कई विशिष्ट प्रिंटिंग टेक्नीक पायी जाती हैं। यहां हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग में ज्यादातर प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, कपड़ों पर बटीक और ट्राइबल पेंटिंग की जाती है। छिंदवाड़ा की संस्था एड ऐंड सर्वाइवल ऑफ हैंडीक्राफ्टस आर्टिसन (आशा) ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के साथ ही काम करती है। आशा के संस्थापक आरती और रोहित रूसिया ने बताया कि सरकार को न केवल लोगों को प्रशिक्षण देना चाहिए बल्कि उन्हें काम उपलब्ध कराके उनके कौशल का लाभ भी लेना चाहिए।

उनके मुताबिक उनकी टीम की 30 महिलाओं को हैंडीक्राफ्ट विभाग ने प्रशिक्षित किया लेकिन उसके बाद से उन्हें काम का इंतजार है। राज्य के प्रसिद्ध चंदेरी कूटुअर और बाघ प्रिंट को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग मिला हुआ है।

ट्राइडेंट समूह, रेमंड, आदित्य बिड़ला, बेस्ट कॉर्प, गोकलदास एक्सपोर्ट्स, प्रतिभा सिंटेक्स, इंडोरामा और वर्द्धमान समूह आदि कुछ बड़ी कंपनियां हैं जिन्होंने प्रदेश में निवेश किया है।

इंदौर में होने वाले इन्वेस्टर्स समिट में भी ‘बिल्डिंग मध्य प्रदेश ग्लोबल कंपेटटिव इन टेक्सटाइल ऐंड अपैरल’ सेशन आयोजित किया जाएगा जिसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि चेहरों के अलावा, सेक्टर के विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी मिलकर चर्चा करेंगे और नए अवसरों को खंगालेंगे।

First Published - January 6, 2023 | 1:11 PM IST

संबंधित पोस्ट