facebookmetapixel
मध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आयाट्रंप की शांति पहल से भारत की दूरी, कूटनीतिक संकेत क्या हैं?जयशंकर की चेतावनी: अस्थिर होती दुनिया को अब मजबूत साझेदारियां ही संभालेंगीIndia-EU FTA: दो अरब लोगों का बाजार, भारत के लिए कितना फायदेमंद?लंबे वीकेंड ने बदल दिया भारत का ट्रैवल ट्रेंडIndia UAE Trade: भारत-यूएई व्यापार 100 अरब डॉलर पार, फिर भी घाटा क्यों बढ़ रहा है?किसान पहचान पत्र से ही मिलेगा यूरिया, सरकार चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी नई व्यवस्था₹60 हजार से ₹3.20 लाख तक पहुंची चांदी, अब आगे क्या? मोतीलाल ओसवाल की चेतावनीStocks to watch, Jan 23: IndiGo से लेकर JSW Steel और DLF तक, शुक्रवार को इन स्टॉक्स पर रखें फोकसStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से सुस्त संकेत, हफ्ते के आखिरी दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?

ज्यादातर शहरों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लेकर आएगी सरकार : प्रधानमंत्री के सलाहकार

Last Updated- June 06, 2023 | 4:59 PM IST
Vehicles

प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने मंगलवार को कहा कि सरकार देश के अधिकांश शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू करने से संबंधित नीति लेकर आएगी और इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अपने लिए व्यापक समर्थन की उम्मीद कर सकता है। कपूर ने यहां इलेक्ट्रिक परिवहन पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के ज्यादातर शहरों में सार्वजनिक परिवहन का अभाव होने से सरकार अब इसे बढ़ावा देने के लिए एक नीति लेकर आने वाली है।

इस नीति में सरकार डीजल से चलने वाले वाहनों को हतोत्साहित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘देश के अधिकांश शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की नीति आने से इलेक्ट्रिक उद्योग अपने लिए सरकार से व्यापक समर्थन की उम्मीद कर सकता है।’’

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)के सेवानिवृत्त अधिकारी कपूर ने कहा, ‘‘बदलाव की इस प्रक्रिया में न केवल डीजल बसें हटेंगी, बल्कि हम सार्वजनिक परिवहन में अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी देखेंगे।’’ हालांकि, उन्होंने इस मौके का बड़े पैमाने पर लाभ उठाने के लिए ईवी उद्योग से नवोन्मेषण पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध भी किया, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत घटाने के साथ बैटरियों का आकार भी कम किया जा सके।

भारत अपनी परिवहन जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल और 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस आयात करता है जिसपर विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है।

कपूर ने डीजल के साथ पेट्रोल की भी खपत में कमी के लिए दोपहिया खंड में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि अगले पांच-सात साल में दोपहिया खंड में सौ प्रतिशत बदलाव हो जाएगा।’’

First Published - June 6, 2023 | 4:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट