facebookmetapixel
Advertisement
BS ‘Manthan’ में बोले डिफेंस एक्सपर्ट्स: ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ के लिए सैन्य शक्ति में बनना होगा आत्मनिर्भरBS Manthan में बोले शेखर कपूर: फिल्म इंडस्ट्री में AI सबसे लोकतांत्रिक तकनीक, नए क्रिएटर्स को बनाएगा मजबूतसैलरीड होकर 20-30% टैक्स दे रहे हैं आप, अमीर कैसे बचा लेते हैं ज्यादा पैसा? एक्सपर्ट ने खोला राजसिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तार: BS ‘मंथन’ में बोले सुमंत सिन्हाBS Mantha 2026: EVs स्टार्टअप्स क्यों रह गए PLI से बाहर?BS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: बढ़ती AI पावर यूज के बीच ग्रीन डेटा सेंटर पॉलिसी जरूरीBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: टेक्नोलॉजी, मटेरियल और सप्लाई चेन से मजबूत होगा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर‘AI अपनाओ, भले कमाई क्यों न घट जाए’, TCS ने अपने कर्मचारियों से कहा: इससे घबराने की जरूरत नहींNPS वात्सल्य में बड़ा बदलाव: अब 100% इक्विटी निवेश की छूट, बच्चों के लिए बनेगा भारी फंडखेती में हर साल हो सकती है ₹40000 करोड़ तक की बचत, बीएस मंथन में कृषि विशेषज्ञों ने बताए समाधान

विचित्र रोग देखभाल नेटवर्क का विस्तार

Advertisement

स्वास्थ्य मंत्रालय राष्ट्रीय नीति के तहत दो से तीन नए केंद्र स्थापित करने की योजना पर कर रहा विचार; वर्तमान में देश में 12 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यरत।

Last Updated- December 24, 2024 | 11:01 PM IST
doctor

केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय विचित्र बीमारियों (रेयर डिजीज) से पीड़ित मरीजों के निदान और इलाज में सुधार के लिए सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में नए केंद्र जोड़ने पर विचार-विमर्श कर रहा है। इस मामले के जानकार एक अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘मंत्रालय आगामी वर्ष में कम से कम दो से तीन ऐसे नए केंद्र बनाने के विकल्प को तलाश रहा है।’

केंद्र सरकार रेयर डिजीज की राष्ट्रीय नीति (एनपीआरडी), 2021 के अंतर्गत विचित्र बीमारियों से ग्रसित मरीजों का उपचार कर रहे संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में चिह्नित करती है। देश में ऐसे 12 संस्थान हैं।

Advertisement
First Published - December 24, 2024 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement