facebookmetapixel
Advertisement
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर RSS ने दिया पहला बयान, कहा: घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कड़ी सजाEditorial: दिल्ली की नई EV नीति सही दिशा में, लेकिन अभी भी कई बड़े सुधार की जरूरतभारत को अपना AI मॉडल बनाने का जरूरत नहीं, मजबूत AI इकोसिस्टम पर दांव लगाना सही कदमहिमाचल में 2027 की चुनावी बिसात: खस्ताहाल खजाना और गुटबाजी के बीच सुक्खू सरकार की बढ़ी बेचैनीविदेशी निवेशकों से रुपये में लिया जाएगा रेगुलेटरी शुल्क, FPI और FVCI के लिए SEBI बदलने जा रहा है नियमकॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में आई जबरदस्त रौनक, भारतीय कंपनियों ने एक ही दिन में जुटाए ₹15,960 करोड़Nifty IT इंडेक्स 30% टूटा, फिर भी पैसिव फंड्स का एयूएम 23% बढ़कर ₹5,800 करोड़ के पार‘विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू म्युचुअल फंड बने शेयर बाजार की ढाल’, SEBI का बड़ा दावाअल नीनो और महंगे ईंधन की दोहरी मार: होटलों की कमाई पर मंडराया संकट, पानी की कमी ने बढ़ाई मुश्किलेंईरान युद्ध के बीच IPO बाजार में म्युचुअल फंडों का जलवा, कई सालों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हिस्सेदारी

सिविल सर्विस की परीक्षा में ChatGPT से नकल, उत्तर लिखने के लिए AI टूल का किया इस्तेमाल

Advertisement
Last Updated- May 30, 2023 | 5:37 PM IST
Free ChatGPT Go plan

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल को लेकर चिंताओं के बीच एक ऐसे खबर आई है जो सबको हैरान करने वाली है। अपने सहूलियत के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले ChatGPT हाल ही में बहुत चर्चा में बना है और लोग तरह-तरह के काम के लिए इस तकनीक का सहारा ले रहे हैं।

हालांकि, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब गलत काम के लिए भी होने लगा है। तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन (TSPSC) के प्रश्न पत्र लीक मामले (question paper leak case) की जांच कर रहे अधिकारियों ने पाया है कि सात आरोपियों में से एक ने सवालों के जवाब पाने के लिए जेनेरेटिव एआई टूल चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल किया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एक विशेष जांच दल (SIT) ने पाया कि एक आरोपी ने असिस्टेंट एक्सीक्यूटिव इंजीनियर और डिवीजनल अकाउंट ऑफिसर की भर्ती के लिए पेपर लीक होने के बाद एआई टूल का इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट की मानें तो परीक्षा के दौरान आरोपी ने ब्लूटूथ ईयरबड्स के माध्यम से जवाब दिए। यह देश के पहले मामलों में से एक हो सकता है, जहां सरकारी उम्मीदवारों ने परीक्षा में नकल करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और पकड़े गए।

इस मामले में SIT ने पूला रमेश को पकड़ लिया है, जिसने इस साल की शुरुआत में (22 जनवरी और 26 फरवरी) दो परीक्षाओं में बैठे सात उम्मीदवारों को चैटजीपीटी द्वारा प्रदान किए गए उत्तरों को फीड करने की योजना बनाई थी।

वहीं, रमेश ने परीक्षा के 10 मिनट बाद लीक हुए प्रश्न पत्र को एक्सेस किया और उत्तर लिखने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। सात उम्मीदवारों में से प्रत्येक ने कथित तौर पर परीक्षा पास करने के लिए 40 लाख रुपये देने पर सहमति जताई थी। रमेश ने 5 मार्च को एक परीक्षा में अन्य उम्मीदवारों को नकल करने में मदद की थी, हालांकि उन्होंने उत्तरों के लिए चैटजीपीटी का उपयोग नहीं किया था।

रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, “रमेश ने लीक हुए प्रश्नपत्र को 30 से अधिक उम्मीदवारों को 25 लाख से 30 लाख रुपए में बेचा।”

टेस्ला के सीईओ ईलॉन मस्क समेत कई एक्सपर्ट्स ने जनरेटिव एआई टूल्स से संबंधित डेवेलपमेंट को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, यह सरकार के हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं है।

Advertisement
First Published - May 30, 2023 | 5:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement