facebookmetapixel
AI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकत

SBI ने पेश किया ‘एसएमई डिजिटल बिजनेस लोन’, 45 मिनट में ऋण मंजूरी

करीब 50 लाख रुपये तक के ऋण के लिए एसबीआई ने फाइनैंशियल स्टेटमेंट की आवश्यकता में छूट दी है और वे इसके बजाय लेन-देन के पिछले ब्योरे और जीएसटी रिटर्न पर निर्भर होंगे।

Last Updated- June 11, 2024 | 10:06 PM IST
SBI Q4 Results

देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 45 मिनट में ऋण की मंजूरी देने के मकसद से ‘एसएमई डिजिटल बिजनेस लोन’ की पेशकश की है। बैंक का मानना है कि अगले पांच वर्षों में बैंक की वृद्धि और मुनाफे के लिए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले कारोबार) कारोबार महत्वपूर्ण है।

एसबीआई ने कहा, ‘यह नई योजना, लघु एवं मझोले स्तर के उद्यमों को ऋण देने की प्रक्रिया का डिजिटलीकरण करने के संबंधित है। इस डिजिटल ऋण प्रक्रिया में महज 45 मिनट का वक्त लगेगा।’ ऐसे में परंपरागत तौर पर ऋण देने की जटिल प्रक्रिया भी खत्म हो जाएगी और एमएसएमई ऋण में सरलता, रफ्तार और सहज पहुंच का एक नया दौर शुरू हो जाएगा।

करीब 50 लाख रुपये तक के ऋण के लिए एसबीआई ने फाइनैंशियल स्टेटमेंट की आवश्यकता में छूट दी है और वे इसके बजाय लेन-देन के पिछले ब्योरे और जीएसटी रिटर्न पर निर्भर होंगे।

एसबीआई ने ऋण देने की पात्रता का आकलन करने के लिए एक डेटा आधारित तकनीक तैयार की है जो आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट जैसे प्रमाणित डेटा का आकलन इन जानकारियों के जमा होने के महज 10 सेकंड के भीतर कर लेता है और फिर फैसले देता है। इसमें मानव संसाधनों का हस्तक्षेप नहीं होता है।

First Published - June 11, 2024 | 10:06 PM IST

संबंधित पोस्ट