facebookmetapixel
Advertisement
क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोर

रिजर्व बैंक ने की 2,069 करोड़ रुपये के बॉन्डों की पुनर्खरीद

Advertisement

बाजार से जुड़े हिस्सेदारों ने कहा कि बैंकों ने घाटे पर प्रतिभूतियां बेचने से इनकार कर दिया, जिसके कारण खरीद कम हुई।

Last Updated- May 16, 2024 | 10:00 PM IST
FPI registration process will be easier for government bond investors: SEBI सरकारी बॉन्ड निवेशकों के लिए आसान होगी FPI रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: SEBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को 2,069 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्डों की पुनर्खरीद की है, जबकि अधिसूचित राशि 60,000 करोड़ रुपये थी। बाजार से जुड़े हिस्सेदारों ने कहा कि बैंकों ने घाटे पर प्रतिभूतियां बेचने से इनकार कर दिया, जिसके कारण खरीद कम हुई।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘ज्यादातर प्रतिभूतियां कोविड के दौरान ज्यादा मूल्य पर खरीदी गईं और रिजर्व बैंक उस स्तर पर भुगतान करने को तैयार नहीं था। यही वजह है कि उन्होंने छोटी राशि की खरीदारी की।’

बाईबैक के लिए 6.18 प्रतिशत जीएस 2024, 9.15 प्रतिशत जीएस 2024, 6.89 प्रतिशत जीएस 2025 प्रतिभूतियां चिह्नित की गई हैं, जो क्रमशः 4 नवंबर, 14 नवंबर और 16 जनवरी को परिपक्व हो रही हैं।

6.18 प्रतिशत जीएस प्रतिभूतियों के लिए कुल 26,877.161 करोड़ रुपये की पेशकश मिलने के बावजूद रिजर्व बैंक ने केवल 552.999 करोड़ रुपये की 6 बोलियां स्वीकार की, जिसकी कट ऑफ प्राइस 99.61 रुपये थी। इसी तरह से 9.15 प्रतिशत जीएस के लिए उसने कुल 6,479.791 करोड़ रुपये की 12 पेशकश में से 1,513 करोड़ रुपये की दो बोलियां स्वीकार की।

वहीं 6.89 प्रतिशत जीएस 2025 की 7,238.497 करोड़ रुपये की 27 पेशकश में से रिजर्व बैंक ने 99.86 रुपये कट आफ प्राइस पर 4 करोड़ रुपये की एक बोली स्वीकार की।

यह बाईबैक 9 मई की पहले की नीलामी के बाद की गई, जब रिजर्व बैंक ने 10,512.993 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियां खरीदी थीं, जो घोषित 40,000 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम है।

Advertisement
First Published - May 16, 2024 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement