facebookmetapixel
Advertisement
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शीर्ष 5 व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हुआ IGI एयरपोर्ट, चांगी और इंचियोन को छोड़ा पीछेबंगाल की राजनीति का ‘चाणक्य’ मौन: पूर्व रेल मंत्री और TMC के दिग्गज रणनीतिकार मुकुल रॉय का निधनमुंबई को पछाड़ गुरुग्राम बना देश का नंबर 1 अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट, बाजार ₹24,000 करोड़ के पारयूनिकॉर्न बनने की रफ्तार में 40 गुना उछाल, स्टार्टअप दुनिया में AI कंपनियों ने मचाया तहलकाऔपनिवेशिक छाप से मुक्ति! राष्ट्रपति भवन से हटी लुटियंस की प्रतिमा, उनकी जगह अब विराजे ‘राजाजी’2 दिन 25 सत्र 40 नेता: बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ मंगलवार से शुरू, ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ पर होगी चर्चागुणवत्ता और पारदर्शी ऑडिट पर दवा नियामक का जोर; 1,500 एक्सपर्ट्स की करेगा नियुक्तिIDFC फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के ₹590 करोड़ का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दियापुराने घरों के पुनर्विकास पर टैक्स को लेकर बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में सुनाया फैसलापीयूष गोयल का दावा: EU के कड़े नियमों का खर्च अब उठाएगी केंद्र सरकार, छोटे निर्यातकों को मिलेगी राहत

आरबीआई वित्तीय क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नीतियां बनाने पर लगातार काम कर रहा: गवर्नर दास

Advertisement

डीपीआई व्यापक रूप से सार्वजनिक क्षेत्र में निर्मित बुनियादी प्रौद्योगिकी प्रणालियों को संदर्भित करता है जो उपयोगकर्ताओं तथा अन्य डेवलपर के लिए खुले तौर पर उपलब्ध हैं।

Last Updated- August 26, 2024 | 11:43 AM IST
Reserve Bank Governor met the Finance Minister, discussed before the end of his tenure रिजर्व बैंक के गवर्नर ने की वित्त मंत्री से भेंट, कार्यकाल समाप्ति से पहले चर्चा
File Photo: RBI Governor Shaktikanta Das

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बैंक लगातार ऐसी नीतियां, प्रणालियां और मंच तैयार करने पर काम कर रहा है जो वित्तीय क्षेत्र को मजबूत, जुझारू और ग्राहक केंद्रित बनाएंगे।

आरबीआई@90 पहल के तहत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर वैश्विक सम्मेलन में दास ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) और उभरती प्रौद्योगिकियां दुनिया में लगभग सभी अर्थव्यवस्थाओं की भविष्य की यात्रा को आकार देंगी।

डीपीआई व्यापक रूप से सार्वजनिक क्षेत्र में निर्मित बुनियादी प्रौद्योगिकी प्रणालियों को संदर्भित करता है जो उपयोगकर्ताओं तथा अन्य डेवलपर के लिए खुले तौर पर उपलब्ध हैं। दास ने कहा कि पिछले दशक में पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली में अभूतपूर्व प्रौद्योगिक बदलाव हुआ है। सभी संकेतों से पता चलता है कि आने वाले वर्षों में यह प्रक्रिया और भी तेज हो सकती है।

डीपीआई को लेकर देश के अनुभव पर उन्होंने कहा, ‘‘ डीपीआई ने भारत को एक दशक से भी कम समय में वित्तीय समावेश के ऐसे स्तर को हासिल करने में सक्षम बनाया है, जिसे हासिल करने में अन्यथा कई दशक या उससे भी अधिक समय लग जाता।’’ दास ने पिछले वर्ष शुरुआती स्तर पर पेश किए गए एक प्रौद्योगिकी मंच का जिक्र करते हुए कहा कि आरबीआई ने इसका नाम ‘यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस’ (यूएलआई) रखने का प्रस्ताव किया है। यह बाधारहित ऋण को सक्षम बनाता है।

उन्होंने कहा कि यूएलआई मंच विभिन्न डेटा सेवा प्रदाताओं से ऋणदाताओं तक विभिन्न राज्यों के भूमि रिकॉर्ड सहित डिजिटल जानकारी के निर्बाध प्रवाह की सुविधा प्रदान करता है। गवर्नर दास ने कहा, ‘‘ ..शुरुआती चरण से प्राप्त अनुभव के आधार पर यूएलआई को राष्ट्रव्यापी स्तर पर जल्द ही पेश किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि यूपीआई प्रणाली में सीमा पार धन प्रेषण के उपलब्ध माध्यमों के लिए एक सस्ता और त्वरित विकल्प बनने की क्षमता है। गवर्नर ने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्तीय संस्थाओं को कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े जोखिमों के प्रति पूरी तरह सचेत रहना चाहिए।

Advertisement
First Published - August 26, 2024 | 11:43 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement