facebookmetapixel
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक‘मन की बात’ में बोले PM मोदी: भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के प्रतीक बनें और उद्योग उत्कृष्टता अपनाएPadma Awards 2026: अ​भिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंदन, उदय कोटक समेत 131 को पद्म पुरस्कार दुनिया को शांति का संदेश दे रहा भारत, महिलाओं की भागीदारी को 2047 तक विकसित भारत की नींव: राष्ट्रपतिबच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान जरूरी, लक्ष्य पूरे करने में होगा मददगार2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगीEditorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राहडॉलर के दबदबे को चुनौती देती चीन की मुद्रा रणनीति, भारत के लिए छिपे हैं बड़े सबकपेंशन फंड को आधुनिक बनाने की पहल: NPS निवेश ढांचे में बदलाव की तैयारी, PFRDA ने बनाई समितिईंधन लागत पास-थ्रू और सुधारों से बदली तस्वीर, दशक भर बाद बिजली वितरण कंपनियां मुनाफे में लौटीं

OIS Rate: अक्टूबर में बढ़ रहे ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप रेट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और घरेलू दरों के फैसलों का असर

बाजार के भागीदारों के अनुसार सितंबर माह में अनुमान से अधिक महंगाई होने के अनुमान के कारण आगे 1 वर्षीय ओआईएस दर में और वृद्धि हो सकती है।

Last Updated- October 16, 2024 | 10:09 PM IST
RBI

अक्टूबर में ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप रेट (ओआईएस) में बढ़ोतरी हो रही है। डीलरों के मुताबिक अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और भारतीय रिजर्व बैंक के दर तय करने वाले पैनल के दर कम करने में देरी करने के अनुमान के कारण ओआईएस में वृद्धि हुई।

ओआईएस दर ब्याज दरों में संभावित बदलाव को उजागर करने वाले महत्त्वपूर्ण संकेतक हैं। यह भारत में ब्याज दर जोखिम की हेजिंग का मुख्य तरीका है। इस अवधि में पांच वर्षीय ओआईएस दर और 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड का अंतर घटकर आठ आधार अंक रह गया है।

अक्टूबर महीने में 5 वर्षीय ओआईएस की दर में 10 आधार अंक का इजाफा हुआ है जबकि एक वर्षीय ओआईएस दर में 8 आधार की वृद्धि हुई है। हालांकि 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 2 आधार अंक का इजाफा हुआ।

घरेलू दर तय करने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अक्टूबर में लगातार 10वीं बार रीपो दर को यथावतर रखा है।

हालांकि समिति ने अपना रुख बदला है और अपना रुख समयोजन से बदलकर तटस्थ कर दिया।

कुछ अर्थशास्त्रियों को दिसंबर में होने वाली अगली बैठक में नीतिगत रीपो दर में कमी आने की उम्मीद है। आईसीआईसीआई प्राइमरी डीलरशिप के वाइस प्रेजिडेंट नवीन सिंह ने कहा, ‘5 वर्षीय दर यूएस यील्ड का अनुसरण कर रहा है। एक वर्षीय की नजर घरेलू कारकों पर थी।’

उन्होंने बताया कि लोग स्प्रेड पर छोटी अवधि के अलावा एक्टिव कॉल्स नहीं ले रहे हैं और वे 5 वर्षीय ओआईएस पर अधिक कॉल्स नहीं ले रहे हैं।

बाजार के भागीदारों के अनुसार सितंबर माह में अनुमान से अधिक महंगाई होने के अनुमान के कारण आगे 1 वर्षीय ओआईएस दर में और वृद्धि हो सकती है। ऑफशोर कारोबारियों को स्थिर ब्याज मिलने के कारण पांच वर्षीय ओआईएस दर सुस्त है।

उन्होंने कहा कि एक वर्षीय ओआईएस वक्र अगले छह महीनों में घरेलू दर निर्धारण पैनल के 50 आधार अंक कटौती को दर्शा रहा है।

First Published - October 16, 2024 | 10:09 PM IST

संबंधित पोस्ट