facebookmetapixel
Advertisement
लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलानIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली के लग्जरी होटलों में रेट्स आसमान पर, स्वीट्स 30 लाख रुपये तकफार्मा दिग्गजों की हुंकार: चीन से मुकाबले के लिए भारतीय दवा नियमों में बड़े सुधार की जरूरतपीएम इंटर्नशिप योजना में बदलाव की तैयारी; इंटर्नशिप अवधि और आयु सीमा में कटौती संभवमारुति सुजुकी की रफ्तार: 2025 में रेल से 5.85 लाख वाहनों की रिकॉर्ड ढुलाई, 18% का शानदार उछालFY26 की पहली छमाही में कंपनियों का कैपेक्स 6 साल के हाई पर, इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई तेजीजगुआर लैंड रोवर के वैश्विक नक्शे पर तमिलनाडु: रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के TATA-JLR प्लांट का उद्घाटन

लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा जन एसएफबी

Advertisement

केंद्रीय बैंक ने 2024 में लघु वित्त बैंकों को सार्वभौमिक बैंकों में परिवर्तित करने के लिए नए नियमों की घोषणा की है, जिसके तहत आवेदन किए जा रहे हैं।

Last Updated- May 01, 2025 | 11:41 PM IST
Reserve Bank of India

जन स्मॉल फाइनैंस बैंक इस महीने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में आवेदन करने पर विचार कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) और शुद्ध एनपीए अनुपात लगातार 2 वर्षों तक क्रमशः 3 प्रतिशत और 1 प्रतिशत से नीचे रहा है, जो आवेदन की प्रमुख शर्त है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में जन स्मॉल फाइनैंस बैंक के एमडी और सीईओ अजय कंवल ने कहा, ‘हम इस तिमाही में, संभवतः मई में आवेदन करेंगे।’

कंवल ने कहा कि यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलने से जमा राशियों पर किए जा रहे भुगतान में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे बैंक का चालू खाते व बचत खाते (कासा) का अनुपात भी सुधरेगा।

जन स्मॉल फाइनैंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनैंस बैंक के साथ उन लघु वित्त बैंकों की कतार में शामिल हो जाएगा, जो रिजर्व बैंक से यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस की मांग कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने 2024 में लघु वित्त बैंकों को सार्वभौमिक बैंकों में परिवर्तित करने के लिए नए नियमों की घोषणा की है, जिसके तहत आवेदन किए जा रहे हैं। एयू एसएफबी ने पिछले साल सितंबर में आवेदन किया था जबकि उज्जीवन ने इस साल फरवरी में आवेदन किया था।

रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के मुताबिक सिर्फ सूचीबद्ध लघु वित्त बैंक (एसएफबी) यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। इसकी पात्रता के लिए उनका न्यूनतम कारोबार 1,000 करोड़ रुपये, अनुसूचित बैंक का दर्जा और कम से कम 5 साल का संतोषजनक कामकाज होना चाहिए। इसके अलावा उन्हें लगातार फायदे में होने के साथ पिछले 2 साल के दौरान सकल एनपीए 3 प्रतिशत से नीचे और शुद्ध एनपीए 1 प्रतिशत से कम होना चाहिए। वित्त वर्ष 2025 के अंत में जन एसएफबी का जीएनपीए अनुपात 2.5 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए अनुपात 0.9 प्रतिशत था।

 इसके अलावा कंवल ने कहा कि बैंक ने सुरक्षित ऋण में तेजी से वृद्धि करके सुरक्षित और असुरक्षित ऋण का अनुपात 80:20 करने का लक्ष्य रखा है, जो अभी 70:30 है। वित्त वर्ष2025 में बैंक का सुरक्षित ऋण सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि असुरक्षित ऋण में इस अवधि के दौरान 11 प्रतिशत की कमी आई है। 2018 में शुरू जन एसएफबी देश का चौथा बड़ा एसएफबी है, जिसके 1.2 करोड़ ग्राहक हैं। यह बैंक 23 राज्यों व 2 केंद्रशासित प्रदेश में काम कर रहा है।

Advertisement
First Published - May 1, 2025 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement