facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

पेमेंट ‘एग्रीगेटर’ के लिए नियमों का मसौदा जारी, अपने प्लेटफॉर्म पर पूरा कर सकेंगे कारोबारियों के लिए KYC

Advertisement

PA को संपर्क बिंदु सत्यापन (CPV) करने और उस बैंक खाते का विधिवत सत्यापन करने की आवश्यकता होगी जिसमें छोटे कारोबारियों के कोष का निपटान किया गया है।

Last Updated- April 17, 2024 | 11:11 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेमेंट एग्रीगेटर (PA) के लिए विनियमन प्रारूप तय किया है। इसके अंतर्गत PA जोखिम के प्रबंधन के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर कारोबारियों के लिए जानें अपने ग्राहक (KYC) को पूरा कर सकेंगे। मंगलवार को जारी दिशानिर्देश में छोटे व मध्यम कारोबारियों के लिए KYC प्रक्रिया का खाका तैयार किया गया है।

इसमें कहा गया है कि PA को संपर्क बिंदु सत्यापन (CPV) करने और उस बैंक खाते का विधिवत सत्यापन करने की आवश्यकता होगी जिसमें छोटे कारोबारियों के कोष का निपटान किया गया है।

इस प्रारूप के मानदंडों के अनुसार फिजिकल मर्चेंट के तहत पांच लाख रुपये सालाना से कम फेस टू फेस लेन देन करने वाले है और ये वस्तु एवं सेवाकर (GST) के अंतर्गत छोटे कारोबारी के रूप में पंजीकृत नहीं हैं।

RBI ने कहा है कि ‘मध्यम व्यापारियों’ के लिए, PA सीपीवी का संचालन करेंगे। PA मालिक, लाभकारी मालिक या वकील रखने वाले व्यक्ति का एक आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज़ (OVD) भी प्राप्त और सत्यापित करेगा। उन्हें व्यवसाय के एक OVD को सत्यापित करना आवश्यक होगा।

इसने मध्यम व्यापारियों (medium merchants) को उन लोगों के रूप में परिभाषित किया है जिनका कारोबार टर्नओवर 40 लाख प्रति वर्ष की सीमा से कम है और जो जीएसटी के तहत पंजीकृत नहीं हैं।

इंफीबीम एवेन्यूज के संयुक्त प्रबंध निदेशक और पीसीआई के अध्यक्ष विश्वास पटेल ने कहा, ‘हम भारतीय भुगतान परिषद (PCI) के दृष्टिकोण से इन दिशानिर्देशों का स्वागत करते हैं। यह सभी विभिन्न प्रकार के व्यापारियों को हैंडल करने और व्यापारियों के किस विशिष्ट KYC को करने की आवश्यकता है, के संदर्भ में बहुत जरूरी स्पष्टता देता है।

व्यापारियों ने कहा है कि कथित KYC उल्लंघनों के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक जैसी कंपनियों पर कार्रवाई के बाद, नियामक बाजार में मौजूदा जोखिम को खत्म करने के लिए मानदंड बना सकता है।

पेमेंट फिनटेक के एक कार्यकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘अगर (KYC) पेटीएम के साथ एक समस्या थी, तो अन्य लोग भी इसका अनुसरण कर रहे होते। मनी लॉन्ड्रिंग जैसे सामान्य जोखिम जुड़े हुए हैं जिन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता हो सकती है, यही कारण है कि मसौदा मानदंड लागू किए गए हैं।’

Advertisement
First Published - April 17, 2024 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement