facebookmetapixel
DMart के शेयरों पर निगाह: पुराने स्टोर और प्रतिस्पर्धा से रेवेन्यू पर असरStocks To Watch Today: Q3 नंबर, ऑर्डर और IPO की खबरें, बाजार खुलते ही आज एक्शन में रहेंगे ये स्टॉक्सवेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौती

UPI ट्रांजेक्शन लिमिट पर अमल की समय सीमा बढ़ी, फोनपे और गूगल पे को राहत

एनपीसीआई ने 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई सीमा लागू करने की समय-सीमा, यूपीआई में 32% की जबरदस्त वृद्धि

Last Updated- December 31, 2024 | 10:04 PM IST
UPI

नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई ऐप पर ट्रांजेक्शन संबंधित सीमा पर अमल करने के लिए लागू समय-सीमा दो साल तक बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है। यह लगातार दूसरी बार है जब एनपीसीआई यूपीआई ऐप द्वारा किए जाने वाले लेनदेन की मात्रा पर सीमा लागू करने की समय सीमा आगे बढ़ा रहा है।

इस घटनाक्रम से इस सेगमेंट की बाजार दिग्गजों फोनपे और गूगल पे को राहत मिलने की संभावना है। ये कंपनियां देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन का बड़ा हिस्सा प्रबंधित करती हैं। एनपीसीआई द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में फोनपे और गूगल पे ने 47.8 प्रतिशत और 37.02 प्रतिशत यूपीआई लेनदेन प्रोसेस किए। एनपीसीआई ने मौजूदा थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन प्रदाताओं (टीपीएपी) के अनुपालन के लिए समय-सीमा दो अन्य वर्ष तक बढ़ा दी है। यह ऐसे समय में हुआ है जब रियल-टाइम भुगतान प्रणाली में लेनदेन की मात्रा के संदर्भ में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।

इस साल नवंबर तक यूपीआई ने 155.44 अरब ट्रांजेक्शन दर्ज किए, जो कैलेंडर वर्ष 2023 के 117.58 अरब ट्रांजेक्शन की तुलना में 32.2 फीसदी की वृद्धि है।

First Published - December 31, 2024 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट