facebookmetapixel
‘हमें अमेरिकी बनने का कोई शौक नहीं’, ग्रीनलैंड के नेताओं ने ट्रंप की बात को ठुकराया, कहा: हम सिर्फ ‘ग्रीनलैंडर’Bonus Issue Alert: अगले हफ्ते दो कंपनियां अपने निवेशकों को देंगी बोनस शेयर, रिकॉर्ड डेट फिक्सDMart Q3 Results: Q3 में मुनाफा 18.28% बढ़कर ₹855 करोड़ के पार, रेवेन्यू ₹18,100 करोड़ पर पहुंचाभारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौकेCorporate Action: स्प्लिट-बोनस-डिविडेंड से बढ़ेगी हलचल, निवेशकों के लिए उत्साह भरा रहेगा अगला हफ्ताIran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें350% का तगड़ा डिविडेंड! 5 साल में 960% का रिटर्न देने वाली कंपनी का निवेशकों को जबरदस्त तोहफाSuzuki ने उतारा पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access, बुकिंग हुई शुरू! जानें कीमत65 मौतें, 2311 गिरफ्तारी के बाद एक फोन कॉल से सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज….आखिर ईरान में हो क्या रहा है?US Visa: अमेरिकी वीजा सख्ती ने बदला रुख, भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की भारत वापसी बढ़ी

कॉपोर्रेट बीमा कवर: नहीं मिलेगी नई छूट

Last Updated- December 10, 2022 | 10:48 PM IST

इंडिया इंक भले ही अपनी बीमा पॉलिसियों का नवीकरण करवाएं लेकिन उसे बीमा कंपनियों की तरफ से इस बार कोई खास रियायत नहीं दी जा रही है।
बीमा कंपनियां पिछले साल की ही तरह ही इस बार भी रियायत दे रही हैं। चार सरकारी बीमा कंपनियां न्यू इंडिया, नैशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया और ओरिएंटल इंश्योरेंस आक्रामक रूप से कंपनियों को बाजार में अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखने और टॉपलाइन कारोबार में बढ़ोतरी के लिए प्रेरित कर रही हैं।
इससे पहले सरकारी बैंकों को बड़े परिसंपत्ति आधार और साल्वेन्सी मार्जिन के कारण काफी फायदा मिला था जबकि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां कारोबार में अपनी हिस्सेदारी को बढाने में भी पीछे नहीं रहना चाहती है और इसके तहत बीमा में साझेदारी के तहत प्रयास तेज किए हैं।
एफएमसीजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी यूनिलीवर को बीमा कंपनियों के कंसोर्टियम से बीमा सुरक्षा मिली है। इस कंसोर्टियम में एक सरकारी और चार निजी बीमा कंपनियां शामिल हैं।

First Published - April 2, 2009 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट