facebookmetapixel
Advertisement
‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोसजून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबाICICI Bank ने डॉलर बॉन्ड से जुटाए $1 अरब, 2017 के बाद पहला सबसे बड़ा सार्वजनिक बॉन्ड इश्यूओडिशा में बनेगा देश का पहला AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर, HCLTech करेगी ₹14,257 करोड़ का निवेशबंगाल को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, केंद्र के साथ तालमेल और निवेश पर रहेगा हमारा जोर: स्वप्न दासगुप्ताजून में सुस्त IPO के बावजूद ऋण प्रतिभूतियों ने रचा इतिहास, जुटाई ₹3.15 लाख करोड़ की रिकॉर्ड रकम

बॉन्ड के जरिये 3,500 करोड़ रुपये जुटाएगा केनरा बैंक, AT-1 बॉन्ड जारी करेगा

Advertisement

इस निर्गम का आकार 1,500 करोड़ है और इसमें 2000 करोड़ रुपये का ग्रीन शू ऑप्शन (अंडरराइटर को अधिक शेयर खरीदने का अधिकार देने से संबंधित प्रावधान) है

Last Updated- November 19, 2025 | 9:59 PM IST
Canara Bank

केनरा बैंक 25 नवंबर को एडिशनल टियर-1 (एटी-1) बॉन्ड निर्गम के जरिये 3,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। यह चालू वित्त वर्ष में पहला ऐसा निर्गम हो सकता है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। इस निर्गम का आकार 1,500 करोड़ है और इसमें 2000 करोड़ रुपये का ग्रीन शू ऑप्शन (अंडरराइटर को अधिक शेयर खरीदने का अधिकार देने से संबंधित प्रावधान) है। चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से बैंक घरेलू ऋण पूंजी बाजार से काफी हद तक नदारद रहे हैं जिससे कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में अभी तक गतिविधियां सुस्त रही हैं।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘यह वित्त वर्ष का पहला टियर-1 बॉन्ड निर्गम होगा। बैंक अब बाजार में टियर-1 और टियर-2 बॉन्ड ला रहे हैं क्योंकि दिसंबर के बाद दरों में कोई और कटौती की उम्मीद नहीं है। चूंकि, दरों से जुड़े हालात का प्रभाव पहले ही दिख चुका है। इसलिए बैंकों को मौजूदा समय बॉन्ड जारी करने के लिए अनुकूल लग रहा है क्योंकि इस समय ब्याज दर न्यूनतम होगी।’

इस बीच, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के टियर-2 बॉन्ड के माध्यम से रिकॉर्ड 7,500 करोड़ रुपये जुटाने के बाद कई दूसरे सरकारी बैंक भी इस ब़ॉन्ड का इस्तेमाल कर घरेलू ऋण पूंजी बाजार से रकम जुटाने की योजना बना रहे हैं। यह वर्ष की शुरुआत के बाद बदलाव है जब इस तरह की गतिविधियां काफी हद तक नदारद थीं। केवल एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक ही बाजार से रकम जुटा रहे थे।

रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक और प्रबंध भागीदार वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष के दौरान अधिकांश बॉन्ड निर्गम कम अवधि के रहे हैं जिससे भविष्य निधि जैसे दीर्घकालिक निवेशकों की मांग बरकरार है। पिछले निर्गम जैसे 6.93 प्रतिशत ब्याज दर के साथ एसबीआई के टियर-2 बॉन्ड दीर्घकालिक योजनाओं में अहम दिलचस्पी का संकेत देते हैं।’

कारोबारियों के अनुसार बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त तरलता है। इसलिए बैंकों को बॉन्ड जारी करने की कोई जल्दी नहीं है। जिन बैंकों को अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता है, वे कुछ खास जरूरतें पूरी करने के लिए मौजूदा समय का इस्तेमाल टियर-1 और टियर-2 बॉन्ड जारी करने में कर रहे हैं। हालांकि बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे कुछ बैंकों को इन्फ्रा बॉन्ड के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है लेकिन उन्होंने अभी तक किसी निर्गम की घोषणा नहीं की है।

Advertisement
First Published - November 19, 2025 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement