facebookmetapixel
Advertisement
रियल एस्टेट सेक्टर में बदला ट्रेंड: अब अंधाधुंध विस्तार नहीं, प्रोजेक्ट पूरे करने पर डेवलपर्स का जोरJSW MG मोटर का बड़ा धमाका: ‘MG चार्ज’ के तहत देश भर में लगाए 1,000 सामुदायिक चार्जरभारत के टैक्सी बाजार में वियतनाम के विनग्रुप की एंट्री, NCR में शुरू हुई ‘ग्रीन SM’ EV कैबयात्री वाहनों से अलग होकर नए सफर पर टाटा मोटर्स CV, चेयरमैन चंद्रशेखरन ने बताया भविष्य का प्लानडाउन पेमेंट की टेंशन खत्म! मारुति सुजूकी ने शुरू की ‘सुहाना सफर’ योजना, अब RD बचत कार खरीद सकेंगेपरीक्षा विवादों के चक्रव्यूह में घिरे धर्मेंद्र प्रधान, मुश्किलों से नहीं छूट रहा पीछाEditorial: ट्रंप टैरिफ के एक साल पूरे, अमेरिकी दावों की खुली पोलवैश्विक व्यवस्था में बढ़ा सौदेबाजी का चलन, क्या भारत बनेगा नई उम्मीदShare Market: RBI के फैसले के बाद क्यों गिरा शेयर बाजार?मध्य प्रदेश कांग्रेस में असंतोष की लहर! मीनाक्षी नटराजन के राज्य सभा में जाने की राह मुश्किल क्यों?

सेबी की बड़ी पहल: FPIs के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन और एक ही दिन निपटान पर विचार

Advertisement

यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब एफपीआई निकासी करते हुए बहुत सारा पैसा बाहर ले जा रहे हैं। जनवरी 2024 से विदेशी निवेशकों ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं

Last Updated- November 19, 2025 | 9:40 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि नियामक इस बात पर विचार कर रहा है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को ट्रेडिंग वाले दिन ही निपटान मिलाने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। अगर ऐसा होता है तो ये मौजूदा नियम से बिल्कुल अलग होगा क्योंकि अभी हर ट्रेडिंग का निपटान अलग-अलग होता है।

गोल्डमैन सैक्स इंडिया सीआईओ कॉन्फ्रेंस में पांडेय ने कहा, ‘अभी एफपीआई को हर ट्रेडिंग के लिए डिलीवरी देनी और लेनी होती है। हम संभावना टटोल रहे हैं कि क्या एक सौदों वाले दिन ही निपटान के मिलान की इजाजत दी जा सकती है। इससे एफपीआई के लिए काम करना आसान होगा और उनका खर्च भी कम होगा।’

यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब एफपीआई निकासी करते हुए बहुत सारा पैसा बाहर ले जा रहे हैं। जनवरी 2024 से विदेशी निवेशकों ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं जबकि उसी दौरान भारतीय संस्थागत निवेशकों ने 12 लाख करोड़ रुपये लगाए हैं। पांडेय ने कहा कि घरेलू पूंजी का दबदबा बढ़ने के बावदजूद हमारे बाजार में अब भी विदेशी निवेशकों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का विदेशी फंडों के साथ लंबा और अच्छा रिश्ता रहा है।

पांडेय ने आगे के कई सुधारों की रूपरेखा का जिक्र किया जिनका मकसद विदेशी निवेशकों को सर्वश्रेष्ठ अनुभव मुहैया कराना है क्योंकि भारत का शेयर बाजार आर्थिक विकास के प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने एफपीआई पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल करने की घोषणा की, जिसमें डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल होगा और कागजी दस्तावेज की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इससे पंजीकरण का समय महीनों से घटकर कुछ दिन रह जाएगा। सीडीएसएल एक दूसरा पंजीकरण प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिससे सेवाएं और बेहतर होंगी।

पांडेय ने आगे कहा कि भरोसेमंद विदेशी संस्थानों के लिए शुरू की गई नई फास्ट-ट्रैक श्रेणी, स्वागत-एफआई को अतिरिक्त अनुपालन नियमों के बगैर फेमा द्वारा मंजूर किए गए दूसरे विकल्पों के जरिये भी निवेश की अनुमति दी जा सकती है। सेबी इस बारे में आरबीआई और वित्त मंत्रालय से बात कर रहा है।

आगे की योजनाओं के बारे में बताते हुए पांडेय ने कहा कि सेबी नकदी इक्विटी बाजार के दायरे को और बढ़ाने पर प्राथमिकता देगा। एक कार्यदल शॉर्ट सेलिंग और प्रतिभूतियों को उधार देने और लेने (एसएलबी) से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगा ताकि नकदी और डेरिवेटिव बाजार आपस में और मजबूती से जुड़ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सेबी सभी हितधारकों से बात करके क्लोजिंग नीलामी सत्र शुरू करने के लिए तैयार है, जिससे सही कीमत पता करने में मदद मिलेगी।

पांडेय ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को विकसित करने पर भी जोर दिया और उन्होंने अधिक खुदरा लोगों के तयशुदा आमदनी वाली योजनाओं में निवेश भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई। जिंस बाजार में (कृषि और गैर-कृषि दोनों) की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सेबी संस्थाओं की अधिक भागीदारी के साथ-साथ जोखिम को नियंत्रित रखने के तरीके खोज रहा है।

Advertisement
First Published - November 19, 2025 | 9:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement