facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय बाजारों में आज बिकवाली से ₹1 लाख करोड़ डूबे! सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा टूटा, कौनसे फैक्टर्स बना रहे दबाव?यूजर्स के लिए UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त, फिर कैसे चलता है सिस्टम? ‘जीरो फीस’ मॉडल का पूरा गणितमल्टीबैगर स्टॉक फिर करेगा धमाका! नतीजों के बाद अशोक लेलैंड पर 40% अपसाइड का टारगेट; ब्रोकरेजेज ने क्यों जताया भरोसा?FMCG कंपनियों ने सिर्फ 30% लागत ग्राहकों पर डाली, आगे और महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा के सामानमोलबायो डायग्नोस्टिक्स IPO की धमाकेदार लिस्टिंग! ₹807 वाला शेयर ₹980 पर खुला, निवेशकों को मिला 21% का फायदाधूत ट्रांसमिशन IPO की 38% प्रीमियम पर लिस्टिंग, हर लॉट पर ₹5600 का मुनाफा, Hold करें या बेच दें?होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स आईपीओ आज से खुला, ₹2600 जुटाने का प्लान, निवेश करें या छोड़ दें?फेड से राहत की उम्मीद ने बढ़ाई सोने-चांदी की चमक, MCX पर दोनों के भाव चढ़ेसरकारी बैंकों के लिए सुधारों का नया खाका, ‘विकसित भारत’ के बैंकिंग रोडमैप पर होगा मंथनL&T का बड़ा डिफेंस प्लान! रडार से लेजर हथियार तक बढ़ाएगी ताकत, इलेक्ट्रॉनिक्स में ₹5,000 करोड़ निवेश की तैयारी

दीर्घावधि बॉन्ड से कंपनियों ने जुटाया धन

Advertisement

आईआरएफसी ने 7.17 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 साल के बॉन्ड से 3,000 करोड़ रुपये, जबकि आईआईएफसीएल ने 7.28 प्रतिशत ब्याज दर पर 7 साल के बॉन्ड से 1,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

Last Updated- March 26, 2025 | 10:29 PM IST
Move towards corporate bond funds

सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) और इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) ने बुधवार को आकर्षक कूपन दर पर दीर्घावधि बॉन्डों से 4,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

आईआरएफसी ने 7.17 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 साल के बॉन्ड से 3,000 करोड़ रुपये, जबकि आईआईएफसीएल ने 7.28 प्रतिशत ब्याज दर पर 7 साल के बॉन्ड से 1,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसके साथ ही मंगलवार को हाउसिंग ऐंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (हडको) ने 7.19 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 साल के बॉन्ड से 2,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

बाजार से जुड़े हिस्सेदारों ने कहा कि अप्रैल की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के पहले निवेशकों ने आक्रामक खरीदारी की। रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा, ‘विशेष रूप से एक्जिम बैंक, हडको, आईआरईडीए, आईआरएफसी और आईआईएफसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा जारी किए गए कॉरपोरेट बॉन्ड में मजबूत बिड-टु-कवर रेशियो देखा गया है, जिसमें संस्थागत निवेशकों ने संभावित मौद्रिक नीति बदलाव से पहले स्प्रेड लॉक कर दिया है।’

Advertisement
First Published - March 26, 2025 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement