facebookmetapixel
Advertisement
सुप्रीम कोर्ट का प्रस्ताव: अदालतों में होगा AI का इस्तेमाल, लेकिन सीमाओं के साथ तीन दिन देरी से केरल पहुंचा मॉनसून, अल नीनो के असर से कमजोर वर्षा की आशंका बढ़ीपश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान से 2,557 लोग सुरक्षित निकाले गए: विदेश मंत्रालयभारत-वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी मजबूत करने की दिशा में कदम, तेल सप्लाई और खनिज सहयोग पर बढ़ी बातचीतEditorial: क्रेडिट स्कोर से परे, भारत के खुदरा ऋण बाजार में बड़ा बदलावMSMEs की महत्वाकांक्षाओं को न दबाएं: मानकों से समझौता किए बिना अनुपालन को सरल बनाना जरूरीभारत का तेल व्यापार घाटा: मांग पर नियंत्रण और खपत में संतुलन की जरूरतभारत के IPO बाजार में विदेशी कंपनियों की लिस्टिंग से बढ़ा OFS का दबदबा, अरबों डॉलर बाहर जाने का रुझानखुदरा निवेश तंत्र को और व्यापक बनाएंगे छोटे-मझोले शहर: ऐंजल वन ग्रुप सीईओ अंबरीश केंगेNSDL और CDSL के टेक्नोलॉजी खर्च में तेज उछाल, डीमैट सिस्टम के विस्तार से बढ़ा दबाव

10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड का यील्ड 6.49% पर बंद, 3 अप्रैल के बाद सर्वाधिक

Advertisement

घाटा कम करने के लिए भारी बिकवाली के कारण मंगलवार को सरकार के बॉन्ड यील्ड में 5 आधार अंक की बढ़ोतरी हुई।

Last Updated- August 12, 2025 | 10:14 PM IST

घाटा कम करने के लिए भारी बिकवाली के कारण मंगलवार को सरकार के बॉन्ड यील्ड में 5 आधार अंक की बढ़ोतरी हुई। डीलरों का कहना है कि म्युचुअल फंडों ने सबसे ज्यादा बिकवाली की है। वहीं राज्य विकास ऋण (एसडीएल) की उम्मीद से अधिक कटऑफ यील्ड के कारण भी असर पड़ा है।सरकार के 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड का यील्ड 6.49 प्रतिशत पर बंद हुआ, जो  3 अप्रैल के बाद सर्वाधिक है। इसके पहले 6.44 प्रतिशत पर बंद हुआ था। खुदरा महंगाई दर पिछले महीने में 8 साल के निचले स्तर पर पहुंचने के बावजूद मंगलवार को बॉन्ड बाजार में बिकवाली जारी रही। 10 साल के बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड का यील्ड सोमवार को 3 आधार अंक बढ़ा था।

ट्रेडर्स ने कहा कि महंगाई से राहत कम अवधि की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में महंगाई में तेज बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।  इससे दर में अतिरिक्त कटौती की संभावनाएं कम हो गई हैं।  रिजर्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई दर 4.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष2027 की पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत रहेगी।  बाजार सहभागियों ने कहा कि मंगलवार को स्टॉप-लॉस के कारण भारी बिकवाली हुई, जिसका नेतृत्व संभवतः म्युचुअल फंडों ने किया, जबकि राज्य विकास ऋण (एसडीएल) साप्ताहिक नीलामी में अपेक्षा से अधिक कट-ऑफ यील्ड ने भी बाजार को प्रभावित किया है।

पीएनबी गिल्ट्स के वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा, ‘बाजार ने मौद्रिक नीति समिति के रुख को एक आक्रामक ठहराव के रूप में देखा, जबकि उम्मीद थी कि या तो नरम ठहराव होगा या फिर आक्रामक कटौती होगी। इससे आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद खत्म हो गई। हर हफ्ते बाजार में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के केंद्रीय और राज्य सरकार के बॉन्ड आ रहे हैं, और निवेश और ट्रेडिंग खातों पर पहले से ही दबाव है।’

Advertisement
First Published - August 12, 2025 | 9:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement