facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

उन आराम के पलों के लिए पहले ही रहें तैयार

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 1:42 AM IST

नौकरी का लंबा दौर खत्म होने के बाद सेवानिवृत्ति का वक्त ऐसा होता है, जिसमें आपको एक निश्चित पैसे की जरूरत होती है जिससे आप और आपका जीवनसाथी अपनी पसंद-नापसंद को ध्यान में रखते हुए बेहतर जिंदगी बीता सके।


जब भी सेवानिवृत्ति की योजना बनाते हैं, तब सबसे पहला और अहम सवाल यही दिमाग में आता है कि आखिर कितना पैसा काफी होगा? इसलिए हम यहां एक ऐसी योजना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें भविष्य में पैसे की आवा-जाही, कहां से आय हो रही है और कहां खर्च हो रहा है, इसका अनुमान लगाएंगे।

जरूरी नहीं है कि यह अनुमान हमेशा सही रहे, क्योंकि अनुमानित रिर्टन की दर, महंगाई और करों के चलते आपके अनुमानों में बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजना बनाने से पहले हम इन सभी बातों को भी अपने ध्यान में रखेंगे।

सेवानिवृत्ति को ध्यान में रखते हुए लगातार एक अच्छी रकम की बचत करने के चलते आप पर दबाव बन सकता है। साथ ही यह भी मुनासिब है कि आप पूरी तरह से निवेशों से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर नहीं हो सकते। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप आय के स्रोतों के लिए कुछ और विकल्प बनाएं।

सेवानिवृत्ति के दौरान आय के मुख्य तीन जरिये होते हैं

खुद से बनाई गई या फिर कंपनी की ओर से प्रायोजित सेवानिवृत्ति योजना
निवेशों से रिटर्न
सेवानिवृत्ति के दौरान काम करना

जब तक कोई व्यक्ति एक बड़ी रकम को आय के रूप में न जोड़ ले, आय के एक अकेले जरिये के सहारे जिंदगी बीताना काफी मुश्किल है।

सेवानिवृत्ति योजना

कंपनी द्वारा प्रायोजित : एक कंपनी कई तरीकों से अपने कर्मियों के लिए सेवानिवृत्ति योजनाएं प्रायोजित कर सकी है। ये योजनाएं मोटे-मोटे तौर पर कंपनी की ओर से पहले ही बताए गए लाभ और योगदान योजनाओं के बीच बंटी हो सकती हैं।

इन लाभ योजनाओं में कर्मी को पहले से तय एक निश्चित रकम दी जाती है, जो उसके वेतन से जुड़ी होती है। यह आमतौर पर जीवन के लिए मासिक आय के रूप में दी जाती है, जिसमें इस रकम के एक हिस्से को एकमुश्त रकम के रूप में भी पाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कंपनियां वार्षिक वेतन का एक हिस्सा निश्चित पेंशन के रूप में देने के लिए काट लेती हैं।

पहले से बताई गई योगदान योजना में कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर उन्हें कितनी आय होगी, इसकी गारंटी नहीं मिल पाती। निरंतर योगदान को विभिन्न अनुमति प्राप्त निवेश की योजनाओं में लगाया जाता है। इस तरह की योजनाओं को कंपनी और कर्मी के योगदान के जरिये फंड दिया जाता है।

आज कल पेंशन योजनाएं तेजी से इस तरह की प्रणाली की ओर बढ़ रही हैं, जिससे सेवानिवृत्ति की योजना बना रहे व्यक्ति के लिए अनिश्चितताएं और भी बढ़ जाती हैं। इनके अलावा भी कंपनी द्वारा प्रायोजित सेवानिवृत्ति लाभ और भी हैं, जैसे की ग्रैचुटी और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाएं।

खुद बनाई गई योजनाएं : इस श्रेणी में सबसे लोकप्रिय और आम योजना सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) है। इसके अलावा अन्य लोकप्रिय योजनाओं में बीमा कंपनियों की सेवानिवृत्ति योजनाएं भी शामिल हैं, जो पेंशन योजनाएं और वार्षिक वेतन भी मुहैया कराती हैं।

निवेश से रिटर्न

सेवानिवृत्ति योजनाओं के अलावा किसी भी व्यक्ति को अपनी सेवानिवृत्ति के लिए अलग से निजी निवेश की योजना बनानी चाहिए।

निवेश से जुड़े कुछ लोकप्रिय रास्ते:

प्रत्यक्ष इक्विटी या इक्विटी म्युचुअल फंड- यह पैसा कमाने का बढ़िया तरीका है और व्यक्ति को लंबे समय के बाद बेहतरीन रिटर्न कमाने के लिए इनका चयन करना चाहिए। इक्विटी के लाभांश पर कर में छूट और दीर्घावधि पूंजी लाभ के चलते यह योजना निवेशकों को अपनी ओर अधिक खींचती है।

म्युचुअल फंडों की बॉन्ड्स और डेट योजनाएं- एक पारंपरिक निवेशक जो निवेश की गई पूंजी में कम उतार-चढ़ाव के साथ एक स्थिर आय चाहता है, उसके लिए यह योजना काफी अच्छी है। दीर्घावधि पूंजी लाभ पर मार्जिनल कर दरों के मुकाबले कम कर लगता है।

बैंक जमा खाते- एक और सुरक्षित योजना है सतर्क निवेशकों के लिए। हालांकि इस योजना में हुई आय पर मार्जिनल कर दरों पर ही पूरा कर लगाया जाता है।

किराए से होने वाली आय- यह सेवानिवृत्ति निवेश के लिहाज से सबसे बढ़िया है। लंबे समय के बाद जब खरीदी हुई परिसंपत्ति की कीमत बढ़ने लगती है तब उस पर किरायों से बढ़िया कमाई होती है। दीर्घावधि पूंजी लाभ के मद्देनजर रियल एस्टेट पर भी मार्जिनल कर दरों से कम कर लगता है।

रिवर्स मॉरगेज लोन- वे लोग जिनके पास अपनी सेवानिवृत्ति के बाद के लिए पर्याप्त आय नहीं है, ऐसे में यह उनके लिए एक बढ़िया आय का जरिया बन सकते हैं।

सेवानिवृत्ति के लिए निवेशों का चुनाव करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए :

संभाव्य आय और पूंजी की बढ़ती कीमतें सेवानिवृत्ति से पहले और बाद में
आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और क्या निवेश का वह तरीका उससे मेल खाता है
निवेश की सेवाओं के लेने के लिए आपको कितनी लागत उठानी पड़ रही है, जैसे कि वार्षिक फंड प्रबंधन प्रभार
निवेश की तरलता
क्या आपका निवेश आपके जोखिम रिटर्न प्रोफाइल से मेल खाता है
निवेश की परिपक्वता या बिक्री के वक्त उस पर लगने वाला कर या लाभ

सेवानिवृत्ति के दौरान काम


सेवानिवृत्ति के दौरान काम करने का विचार कुछ लोगों को सही नहीं लगेगा और वे ऐसा करना भी नहीं चाहेंगे, लेकिन यह आपके खर्च का प्रबंधन करने के लिए जरूरी हो सकता है।

कोई बतौर सलाहकार या फ्रीलांसर के पार्ट-टाइम काम कर सकता है। अगर किसी को पैसे की जरूरत नहीं है, तो भी कुछ लोग खुद को व्यस्त, कामकाजी और आत्म-सम्मान को बरकरार रखने के लिए काम करते हैं। कुछ लोग अपने शौक के तौर पर भी ये काम करते हैं।

Advertisement
First Published - May 26, 2008 | 1:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement